छह ने सरकारी खजाने को लगाई 30 लाख की चपत
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फर्जी राशन कार्ड के आधार पर सरकारी खजाने से लाखों रुपए निकलवाने वाले छह लोगों के खिलाफ जम्मू क्राइम ब्रांच ने कोर्ट में चालान पेश कर दिया है। हालांकि सभी अभियुक्त जमानत पर छोड़ दिए गए हैं। मंगलवार को क्राइम ब्रांच ने अपनी दो साल की जांच पूरी करने के बाद कोर्ट में चालान पेश किया।
वर्ष 2012 में क्राइम ब्रांच ने नगरोटा, जगती विस्थापित कैंप में रहने वाले छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। जानकारी के अनुसार, क्राइम ब्रांच ने एफआईआर नंबर 3/2012, में धारा 420, 465, 471 आरपीएसी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था।
जीएडी विभाग के उप सचिव की ओर से क्राइम ब्रांच में मामला दर्ज करवाया गया था। शादी लाल पंडिता, ललिता पंडिता, बबली, मिथुन पंडिता, सर्व नंद और मीना शौरी के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था।
क्राइम ब्रांच ने पेश किया चालान
जांच करने पर क्राइम ब्रांच ने पाया कि शादी लाल पंडिता निवासी जगती ने धोखे से सरकारी खजाने से 30 लाख रुपये निकलवाए। इसके लिए उसने विस्थापितों के अलग-अलग जोन से अपने परिवार के सदस्यों के नाम से आठ अलग-अलग राशन कार्ड बनावाए।
इसके आधार पर उसने 30 लाख रुपये सरकारी खजाने से राहत के नाम पर निकलवा लिए। एफएसएल रिपोर्ट, आरोपी के बयानों और रिकार्ड को टटोलने के बाद क्राइम ब्रांच ने इनको दोषी पाया और मंगलवार को कोर्ट में इनके खिलाफ चालान पेश किया।
क्राइम ब्रांच के एसपी मुब्बसर लतीफी ने कहा कि फिलहाल सभी अभियुक्त जमानत पर हैं। दो साल की जांच के बाद इन लोगों के खिलाफ चालान पेश किया गया है, जिस पर कोर्ट अब आगे की कार्रवाई करेगा।
ठगों ने ज्वैलर्स को भी नहीं बख्शा, दस लाख साफ
पक्का डंगा थाना क्षेत्र के चौक चबूतरा, जैन बाजार इलाके में मंगलवार को ज्वैलर्स के साथ दस लाख रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। इसके बारे में जब ज्वैलर्स को पता चला, तब तक आरोपी फरार हो चुका था।
पीड़ित अनिल चंदा मूलरूप से गांधीनगर वर्तमान निवासी जैन बाजार की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस को अनिल चंदा ने बताया कि उसका एक साथी उसके साथ काफी समय से काम करता आ रहा था।
कुछ दिन पहले सोने के तोल-मोल के चक्कर में उसने दस से ग्यारह लाख रुपये का उसने चूना लगा दिया है। इसका पता तब चला जब उसने हिसाब-किताब मिलाया। उसने देखा कि हिसाब में फर्क आ रहा है।
जब उसने साथी को ढूंढना चाहा तो वह नहीं मिला। कुछ दिन इंतजार करने के बाद जब वह नहीं आया, तो अनिल चंदा ने इसकी शिकायत पुलिस में की। पुलिस ने मामले में छानबीन शुरू कर दी है।