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थाने में बलात्कार का मामला: एसएचओ और महिला SPO को जेल भेजा
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Fri, 20 May 2016 11:58 PM IST
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जेल
- फोटो : Demo Pic.
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खौड़ थाने में हिरासत में बलात्कार मामले में ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट अखनूर जीवन कुमार ने आरोपी पूर्व एसएचओ मोहम्मद इकबाल चगाटा और महिला एसपीओ ममता कुमारी को 15 दिन की न्यायिक हिरासत में सेंट्रल जेल कोट भलवाल भेज दिया है।
पुलिस ने खौड़ थाने के पूर्व एसएचओ मोहम्मद इकबाल चाटा और एसपीओ ममता कुमारी को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने पाया इस मामले में जांच पूरी हो चुकी है। दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा जा सकता है। दोनों आरोपियों को 4 जून 2016 को दोबारा कोर्ट में पेश किया जाए।
पुलिस केस अनुसार शिकायतकर्ता युवती ने एसएचओ पर आरोप लगाए कि वह छह महीने पहले एक युवक साथ चली गई थी। पुलिस ने उसे बरामद करके दो रात थाने में रखा। महिला एसएपीओ भी थाने में तैैनात थी। उसने अपराध को अंजाम देने में सहयोग किया। इस मामले की जांच एसडीपीओ अखनूर को सौंपी गई।
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पीड़ित लड़की ने भी आरोप लगाए कि दोनों पुलिसकर्मियों को वीआईपी ट्रीटमेंट दिया जा रहा है। उसने पुलिस पर धमकाने का आरोप लगाया और कहा कि पुलिस रुपये लेकर मामला रफा-दफा करने का दबाव डाल रही है।
उससे कहा कि पुलिस उससे अश्लील तरीके से सवाल कर रही है। जांच के नाम पर प्रताड़ित किया जा रहा है। उसने कहा है कि यदि उसके साथ यही व्यवहार रहा तो वह आत्महत्या कर लेगी, जिसकी जिम्मेदार पुलिस होगी। पुलिस ने पहले उसकी शिकायत पर गौैर नहीं किया। जब स्थानीय लोगों ने आवाज उठाई तो पुलिस हरकत में आई।
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पुलिस ने खौड़ थाने के पूर्व एसएचओ मोहम्मद इकबाल चाटा और एसपीओ ममता कुमारी को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने पाया इस मामले में जांच पूरी हो चुकी है। दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा जा सकता है। दोनों आरोपियों को 4 जून 2016 को दोबारा कोर्ट में पेश किया जाए।
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पुलिस केस अनुसार शिकायतकर्ता युवती ने एसएचओ पर आरोप लगाए कि वह छह महीने पहले एक युवक साथ चली गई थी। पुलिस ने उसे बरामद करके दो रात थाने में रखा। महिला एसएपीओ भी थाने में तैैनात थी। उसने अपराध को अंजाम देने में सहयोग किया। इस मामले की जांच एसडीपीओ अखनूर को सौंपी गई।
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पीड़ित लड़की ने भी आरोप लगाए कि दोनों पुलिसकर्मियों को वीआईपी ट्रीटमेंट दिया जा रहा है। उसने पुलिस पर धमकाने का आरोप लगाया और कहा कि पुलिस रुपये लेकर मामला रफा-दफा करने का दबाव डाल रही है।
उससे कहा कि पुलिस उससे अश्लील तरीके से सवाल कर रही है। जांच के नाम पर प्रताड़ित किया जा रहा है। उसने कहा है कि यदि उसके साथ यही व्यवहार रहा तो वह आत्महत्या कर लेगी, जिसकी जिम्मेदार पुलिस होगी। पुलिस ने पहले उसकी शिकायत पर गौैर नहीं किया। जब स्थानीय लोगों ने आवाज उठाई तो पुलिस हरकत में आई।