तीन दिन तक नींद की गोलियां देकर कार में करते रहे रेप
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बच्ची के साथ दुष्कर्म और फिर हत्या करने के चारों आरोपियों को पुलिस ने दबोचने का दावा किया है। एसएसपी सुजीत कुमार ने कहा कि चारों आरोपी पेशेवर हैं।
सभी विभिन्न मामलों मे रियासी जेल में एकसाथ सजा भी काट चुके हैं। मुख्य आरोपी पवन कुमार निवासी सीला रियासी से शक के आधार पर की गई पूछताछ में पूरे मामले का खुलासा हुआ है।
24-25 जनवरी की रात को कसबे के मल्टीपर्पज स्टेडियम के पास रहने वाली नौ वर्ष की बच्ची का अपहरण किया गया था। बच्ची के परिवार के सदस्यों ने पुलिस को बताया था कि अपहरणकर्ता खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए छानबीन करने के बहाने झुग्गियों में घुस आए थे और बच्ची को कार में डालकर अगवा कर ले गए।
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी नाकों को हाई अलर्ट कर दिया था। आठ फरवरी को न्यू बस स्टैंड के पास झाड़ियों से बच्ची का शव बरामद किया गया था। घटनास्थल से पुलिस ने एक टोपी बरामद की थी, जिसे घटना का मुख्य सुराग माना जा रहा था।
तीन दिन तक दुष्कर्म किया, इस दौरान बच्ची की मौत हो गई
मामले को सुलझाने के लिए एसएसपी के निर्देश पर एएसपी कटड़ा की अध्यक्षता में सिट का गठन किया गया। पुलिस टीम ने मुख्य आरोपी को कसबे के ही एक क्षेत्र से उस समय दबोच लिया जब वह अपने आपको पुलिस वाला बताकर किसी के घर में घुसने का प्रयास कर रहा था।
पुलिस ने उससे कड़ी पूछताछ की, लेकिन उसने मुंह नहीं खोला। इसके बाद पुलिस ने घटनास्थल से मिली टोपी की आरोपी पवन के परिवार के सदस्यों से पहचान कराई गई। आरोपी के घर के सदस्यों ने बताया कि टोपी पवन की है। इसके बाद आरोपी ने जुर्म कबूल कर दिया। साथ ही बताया कि सभी ने बच्ची से तीन दिन तक दुष्कर्म किया। इस दौरान बच्ची की मौत हो गई।
आरोपियों ने कबूल किया उन्होंने बच्ची को नींद की दवाई देते हुए तीन दिन तक कार में रखा था। आरोपी पवन की निशानदेही के बाद एसडीपीओ कटड़ा अशोक शर्मा और एसएचओ कुलदीप कृष्ण की टीम ने छापेमार कर सभी आरोपियों को दबोच लिया।