कठुआः टेक्सटाइल मिल के बाहर भारी हंगामे के बीच भोजपुरी का कमाल, एसएसपी के मुरीद हुए प्रदर्शनकारी
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कोरोना महामारी के बीच जिले की चिनाब टेक्सटाइल मिल में आधा वेतन मिलने पर भड़के श्रमिकों ने शुक्रवार को जम्मू-पठानकोट नेशनल हाईवे से सटी इकाई में घुसकर तोड़फोड़ की। इसके साथ ही पुलिस की जिप्सी सहित वहां खड़े कई वाहनों को तोड़ दिया। पुलिस ने भीड़ को रोकने के लिए लाठीचार्ज किया। इससे श्रमिक और भड़क गए, उन्होंने पथराव शुरू कर दिया।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए एसएसपी कठुआ ने कमान खुद संभाली और श्रमिकों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को हल करवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद बवाल थमा। इस झड़प में चार पुलिस कर्मियों सहित तीन श्रमिक भी घायल हुए हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल तनाव की स्थिति को देखते हुए भारी तादाद में पुलिस व अर्द्ध सैनिक बल तैनात कर दिया गया है।
शुक्रवार सुबह ड्यूटी पर पहुंचे मजदूर उस समय भड़क गए जब उन्हें मिल की ओर से जारी वेतन स्लिप मिली। श्रमिकों का आरोप है कि उन्होंने प्रबंधन से बातचीत का प्रयास किया परंतु कोई आगे नहीं आया। इसके बाद श्रमिक भड़क गए। सैकड़ों की तादाद में श्रमिकों ने पहले इकाई परिसर के भीतर खड़ी गाड़ियों, बाइक और कार्यालय में तोड़फोड़ कर दी। बवाल की सूचना पर हटली पुलिस चौकी से पहुंची पुलिस टीम पर भी हमला कर दिया। इस दौरान पुलिस के जवान घायल हुए। स्थिति इतनी बिगड़ी कि पुलिस वालों को अपनी गाड़ी छोड़ पीछे हटना पड़ा।
प्रदर्शनकारी श्रमिकों ने मिल के मुख्य गेट के बाहर निकलकर जम्मू पठानकोट नेशनल हाईवे पर जमकर हंगामा किया। पुलिस की जिप्सी भी तोड़ दी। इकाई के भीतर से कंप्यूटर, कुर्सियां, दस्तावेज आदि भी हाईवे पर ला कर फेंक दिए। स्थिति बिगड़ती देख भारी तादाद में पुलिस बल मौके पर पुहंचा और प्रदर्शकारियों को तितर-बितर करने के लिए लाठियां भांजी। उग्र हुए प्रदर्शनकारियों ने रेलवे रोड़ और इकाई के मुख्य गेट के पास जमकर पत्थरबाजी की।
बाद में एसएसपी डॉ. शैलेंद्र मिश्रा ने स्थिति को संभाला और प्रबंधन की ओर से उन्हें उचित समाधान दिलाने का आश्वासन दिया, इसके बाद बवाल थमा। हटली पुलिस चौकी से लेकर रेलवे रोड और इकाई की कॉलोनियों में स्थिति दिनभर तनावपूर्ण बनी रही। देर शाम तक रेलवे रोड़ को हाईवे से जोड़ने वाले मार्ग पर जहां तारबंदी की गई वहीं पुलिस भी गश्त करती रही।
घर लौटना चाहते हैं श्रमिक : एसएसपी
श्रमिक घर लौटना चाहते हैं। शुक्रवार को कम वेतन मिलने के बाद उनमें यह आशंका पैदा हो गई कि कंपनी श्रमिकों को काम पर बांधे रखना चाहते हैं। इकाई प्रबंधक स्थिति को संभालने में असफल रहे जिससे यह स्थिति बनी। केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश अनुसार उनकी सूची तैयार कर संबंधित जिलों को भेजी जाएगी। वहां से एनओसी व वाहनों की व्यवस्था होने के बाद इन्हें भेजा जाएगा। उपद्रव करने वालों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
जिसने काम किया उसे भी उतना, जिसने नहीं किया उसे भी भी उतना वेतन: श्रमिक
दूसरी ओर श्रमिकों का कहना है कि उन्होंने अप्रैल माह में काम किया है लेकिन उन्हें वाउचर पर आधा ही वेतन जारी किया गया है। इकाई ने नियमित कर्मचारियों को जहां पूरा वेतन जारी कर दिया है वहीं अन्य श्रमिकों को दो से ढाई हजार तक ही जारी किए हैं। ऐसे में परिवार के साथ गुजारा कैसे करेंगे।
और जब भोजपुरी में प्रदर्शनकारियों से मुखातिब हुए एसएसपी
कठुआ में श्रमिकों के भड़कने के बाद स्थिति नियंत्रण से बाहर जाती देख एसएसपी कठुआ ने अपने चित-परिचित अंदाज में श्रमिकों के बीच पहुंचकर ऐसा अनुभव दिखाया, जिसके बाद श्रमिक भी उनके मुरीद हो गए। उन्होंने उग्र हुई भीड़ के बीच बढ़ने के साथ ही पुलिस को भी पीछे हटने के निर्देश दे दिए। इसके बाद उन्होंने श्रमिकों से उनकी समस्याएं उनकी ही भाषा में पूछीं तो श्रमिक भी जवाब देते और शांत होते नजर आए। एसएसपी ने उनको भरोसा दिलाया कि प्रबंधन से बातचीत कर उनका तय मानदेय जारी करवाया जाएगा।
एसएसपी ने कॉलोनी के भीतर और रेलवे रोड़ पर एकत्रित हुए एक हजार से अधिक लोगों को संबोधित किया जिसके बाद वो अपने अपने घरों को लौट गए। उन्होंने उपद्रव मचा रहे लोगों को भरोसे में लेकर पुलिस के साथ साथ जनता के सामान आदि की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी सौंप दी। कहा कि उनकी समस्या का हल करवाने का पूरा प्रयास किया जाएगा लेकिन इस बीच सुरक्षा का ध्यान रखना श्रमिकों की जिम्मेदारी है और वो कानून को हाथ में न लें।