फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Bereft of child labor rehabilitation

पुनर्वास से महरूम बाल श्रमिक

Wed, 13 Aug 2014 01:37 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू Updated Wed, 13 Aug 2014 01:37 AM IST
विज्ञापन
Bereft of child labor rehabilitation
बाल श्रमिकों के उत्थान के लिए जम्मू जिले में चाइल्ड लेबर प्रोजेक्ट अभी अधर में लटका है।
विज्ञापन


बाल श्रमिक पुनर्वास योजना का प्रस्ताव चार साल से मंजूरी का इंतजार कर रहा है। इसे वर्ष 2010 में केंद्र सरकार के पास भेजा गया था। अब हाल यह है कि जिले में होटल, ढाबों, चाय की दुकानों से लेकर बंगलों तक में चौदह साल से कम उम्र के बच्चों से काम करवाते देखा जा सकता है।

बाल श्रमिक कानून के अनुसार 14 साल के कम उम्र के बच्चों से काम करवाना अपराध की श्रेणी में आता है। जिले में बालश्रम को रोकने के लिए वर्ष 2009 में सर्वेक्षण करवाया गया था।
विज्ञापन


इसके बाद कवायद ठंडे बस्ते जाती रही। जिले में बाल श्रमिक अब भी पुनर्वास का इंतजार कर रहे हैं। समाज सेवकों का कहना है कि बाल श्रमिकों को लेकर जम्मू में श्रम विभाग गंभीरता से कदम नहीं उठा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


गौरतलब है कि श्रम विभाग की ओर से तीन जिलों में श्रीनगर, जम्मू, उधमपुर में चाइल्ड लेबर प्रोजेक्ट बनाने की योजना की मंजूरी मिली थी। फिलहाल, उधमपुर जिले में नेशनल चाइल्ड लेबर प्रोजेक्ट चलाया जा रहा है, जिसके तहत 11 स्कूल संचालित हैं।

चाइल्ड लेबर प्रोजेक्ट उधमपुर के प्रभारी केके चौधरी का कहना है इन स्कूलों में 484 बच्चे पुनर्वास योजना के अंतर्गत पढ़ाई कर रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed