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बच्चियों से साथ छेड़छाड़ के आरोपियों के खिलाफ हो सख्त कार्रवाई
Updated Wed, 08 Aug 2018 01:32 AM IST
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जम्मू। त्रिकुटानगर स्थित एक निजी स्कूल की बच्चियों के साथ छेड़छाड़ करने वाले आरोपी शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग पर जम्मू विश्वविद्यालय से बिक्रम चौक तक रैली निकाली गई। इस दौरान नो मोर आसिफ और निर्भया की गूंज सुनाई दी।
मंगलवार को बच्चियों से साथ हुई छेड़छाड़ की घटना के विरोध में मंगलवार को एडवोकेट दीपिका सिंह रजावत के साथ काफी संख्या में युवा जम्मू विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर एकत्रित हुए बच्चियों से साथ हुए दुर्व्यवहार की निंदा की। इस दौरान युवाओं लड़कियों की सुरक्षा के समर्थन में हाथों में पोस्टर लिए नारेबाजी की और आरोपी अध्यापकोें पर कठोर कार्रवाई करने की मांग की गई। इस दौरान एडवोकेट दीपिका रजावत ने कहा कि जम्मू में लड़कियों के साथ दिन ब दिन आपराधिक घटनाएं बढ़ रही हैं। महिला सुरक्षा और अपने हक के लिए जम्मू वासियों से आगे आने को कहा। उन्होंने छेड़छाड़ के मामले का केस दर्ज करने में देरी करने वाले एसएचओ को बर्खास्त करने को कहा। स्कूल के लाइसेंस को रद्द कर पूरे मामले में एसआईटी के गठन की मांग की। वहीं युवाओं का कहना था कि स्कूल के प्रिंसिपल के नाक के नीचे बच्चियों से साथ छेड़छाड़ होती रही और स्कूल प्रशासन इस सब से बेखबर रहा। युवाओं ने बिक्रम चौक पर बीच सड़क पर बैठ कर आरोपियों, पुलिस एसएचओ और स्कूल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
बिना पड़ताल के निजी स्कूल में भर्ती होते हैं अध्यापक
त्रिकुटानगर स्कूल में बच्चियों से साथ छेड़छाड़ के बाद निजी स्कूल में अध्यापकों की नियुक्ति पर प्रश्नचिह्न उठा रहा है। शहर में कई निजी स्कूल कम वेतन पर बिना जांच-पड़ताल के किसी को भी अध्यापक रख लेते हैं। इससे निजी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा की अनदेखी हो रही है।
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मंगलवार को बच्चियों से साथ हुई छेड़छाड़ की घटना के विरोध में मंगलवार को एडवोकेट दीपिका सिंह रजावत के साथ काफी संख्या में युवा जम्मू विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर एकत्रित हुए बच्चियों से साथ हुए दुर्व्यवहार की निंदा की। इस दौरान युवाओं लड़कियों की सुरक्षा के समर्थन में हाथों में पोस्टर लिए नारेबाजी की और आरोपी अध्यापकोें पर कठोर कार्रवाई करने की मांग की गई। इस दौरान एडवोकेट दीपिका रजावत ने कहा कि जम्मू में लड़कियों के साथ दिन ब दिन आपराधिक घटनाएं बढ़ रही हैं। महिला सुरक्षा और अपने हक के लिए जम्मू वासियों से आगे आने को कहा। उन्होंने छेड़छाड़ के मामले का केस दर्ज करने में देरी करने वाले एसएचओ को बर्खास्त करने को कहा। स्कूल के लाइसेंस को रद्द कर पूरे मामले में एसआईटी के गठन की मांग की। वहीं युवाओं का कहना था कि स्कूल के प्रिंसिपल के नाक के नीचे बच्चियों से साथ छेड़छाड़ होती रही और स्कूल प्रशासन इस सब से बेखबर रहा। युवाओं ने बिक्रम चौक पर बीच सड़क पर बैठ कर आरोपियों, पुलिस एसएचओ और स्कूल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
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बिना पड़ताल के निजी स्कूल में भर्ती होते हैं अध्यापक
त्रिकुटानगर स्कूल में बच्चियों से साथ छेड़छाड़ के बाद निजी स्कूल में अध्यापकों की नियुक्ति पर प्रश्नचिह्न उठा रहा है। शहर में कई निजी स्कूल कम वेतन पर बिना जांच-पड़ताल के किसी को भी अध्यापक रख लेते हैं। इससे निजी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा की अनदेखी हो रही है।
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