{"_id":"5c098790bdec2241595bab73","slug":"201544128400-jammu-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिल्ली से चल रहा है गन लाइसेंस बनाने का कारोबार","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
दिल्ली से चल रहा है गन लाइसेंस बनाने का कारोबार
Updated Fri, 07 Dec 2018 02:03 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू। फर्जी गन लाइसेंस बनाने के कई मामलों के बाद जम्मू कश्मीर में चल रही गन फैक्ट्रियों को हिमाचल प्रदेश में शिफ्ट करने की कवायद चल रही है। सूत्रों के अनुसार फार्म-नौ के तहत फैक्ट्रियों के लाइसेंस का नवीनीकरण होना था। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने फार्म-सात को हटाकर फार्म-नौ के लिए आवेदन मांगा। कोई भी फैक्ट्री फार्म को नहीं ले पाई।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने फैक्ट्रियों के नवीनीकरण से मना कर दिया है। फार्म-सात के नवीनीकरण को लेकर कई फैक्ट्री मालिकों ने केंद्र सरकार से भी गुजारिश की, लेकिन केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आतंकवाद और अशांत क्षेत्र होने के कारण फैक्ट्रियों के लाइसेंस को नवीनीकरण करने से मना कर दिया। गन फैक्ट्रियों का फार्म-सात नौ जुलाई से समाप्त हो गया था। केंद्र सरकार ने इसके बाद फार्म-नौ लांच किया। कोई भी गन फैक्ट्र्री फार्म नौ के मापदंडों के तहत सही नहीं ठहरी। अशांत और आतंकवादग्रस्त राज्य होने के कारण केंद्रीय गृह मंत्रालय ने फार्म-नौ राज्य से बाहर देने का फैसला किया।
---
बंद हो चुकी हैं कई फैक्ट्रियां
जम्मू। राज्य में 22 गन फैक्ट्रियां हैं। इनमें सात फैक्ट्रियां ही काम कर रही हैं। कश्मीर में जाडू गन फैक्ट्री, उधमपुर में शाह गन फैक्ट्री, राजोरी स्थित एक गन फैक्ट्री बंद हो गई है। जम्मू में भी पारिवारिक विवाद के कारण कई गन फैक्ट्री बंद हो गई हैं। उनमें कोई उत्पादन नहीं हो रहा है। इसमें हिमालय आर्म्स कंपनी भी पारिवारिक विवाद के कारण बंद हो गई। रिहायशी क्षेत्र में चल रही गन फैक्ट्रियों के मामले में पहले से ही हाईकोर्ट सख्त है। गंग्याल और डिगियाना में फैक्ट्रियों की भरमार है। रिहायशी क्षेत्र होने के कारण इन फैक्ट्रियों को हटाने के भी आदेश दिए गए थे। ब्यूरो
विज्ञापन
---
हिमाचल प्रदेश जाएंगी गन फैक्ट्रियां
जम्मू। केंद्रीय गृह मंत्रालय के फार्म-नौ नहीं दिए जाने के कारण कई फैक्ट्री मालिकों ने फैक्ट्री हिमाचल प्रदेश में शिफ्ट करने की तैयारी कर ली है। गन फैक्ट्री और फर्जी गन लाइसेंस बनाने के सरगना ने हिमाचल प्रदेश में परमानू औद्योगिक क्षेत्र चार कनाल जमीन भी ले ली है। जहां वह गंग्याल से फैक्ट्री शिफ्ट करेगा। इसके अलावा अन्य फैक्ट्री मालिकों ने भी प्रक्रिया शुरू कर दी है। ब्यूरो
----
नई दिल्ली से चल रहा है खेल
जम्मू। फर्जी गन लाइसेंस बनाने में प्रचलित जम्मू कश्मीर में प्रतिबंध के बाद भी लाइसेंस बन रहे हैं। सूत्रों के अनुसार जम्मू कश्मीर कैडर के एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी ने रामबन, शोपियां आदि जिलों के डीसी को फोन करके लाइसेंस बनाने के लिए कहा। आईएएस अधिकारी नई दिल्ली में वरिष्ठ पोस्ट पर है। इसके कारण डीसी भी गन फैक्ट्री और गन डीलरों के बीच सांठगांठ के करके लाइसेंस जारी कर गए। इससे पहले भी डीसी बांदीपोरा ने भी एक दिन में ने चार हजार गन लाइसेंस जारी किए। हिमाचल प्रदेश, पंजाब, मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार आदि राज्यों में पूरा एक गिरोह काम कर रहा है। ब्यूरो
----
गृह विभाग ने लगाया है प्रतिबंध
जम्मू। गृह विभाग के प्रधान सचिव सुरेश कुमार ने जिलाधीशों के लाइसेंस जारी पर प्रतिबंध लगाया था। जून में प्रतिबंध के बाद भी कई जिलाधीशों ने लाइसेंस जारी किए। आर्म्स एक्ट के तहत जिलाधीश किसी को भी गन लाइसेंस दे सकता है, लेकिन इतनी संख्या में गन लाइसेंस जारी करने के बाद सीबीआई के समक्ष केस आया और इसकी जांच जारी है। ब्यूरो
विज्ञापन
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने फैक्ट्रियों के नवीनीकरण से मना कर दिया है। फार्म-सात के नवीनीकरण को लेकर कई फैक्ट्री मालिकों ने केंद्र सरकार से भी गुजारिश की, लेकिन केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आतंकवाद और अशांत क्षेत्र होने के कारण फैक्ट्रियों के लाइसेंस को नवीनीकरण करने से मना कर दिया। गन फैक्ट्रियों का फार्म-सात नौ जुलाई से समाप्त हो गया था। केंद्र सरकार ने इसके बाद फार्म-नौ लांच किया। कोई भी गन फैक्ट्र्री फार्म नौ के मापदंडों के तहत सही नहीं ठहरी। अशांत और आतंकवादग्रस्त राज्य होने के कारण केंद्रीय गृह मंत्रालय ने फार्म-नौ राज्य से बाहर देने का फैसला किया।
विज्ञापन
---
बंद हो चुकी हैं कई फैक्ट्रियां
जम्मू। राज्य में 22 गन फैक्ट्रियां हैं। इनमें सात फैक्ट्रियां ही काम कर रही हैं। कश्मीर में जाडू गन फैक्ट्री, उधमपुर में शाह गन फैक्ट्री, राजोरी स्थित एक गन फैक्ट्री बंद हो गई है। जम्मू में भी पारिवारिक विवाद के कारण कई गन फैक्ट्री बंद हो गई हैं। उनमें कोई उत्पादन नहीं हो रहा है। इसमें हिमालय आर्म्स कंपनी भी पारिवारिक विवाद के कारण बंद हो गई। रिहायशी क्षेत्र में चल रही गन फैक्ट्रियों के मामले में पहले से ही हाईकोर्ट सख्त है। गंग्याल और डिगियाना में फैक्ट्रियों की भरमार है। रिहायशी क्षेत्र होने के कारण इन फैक्ट्रियों को हटाने के भी आदेश दिए गए थे। ब्यूरो
विज्ञापन
---
हिमाचल प्रदेश जाएंगी गन फैक्ट्रियां
जम्मू। केंद्रीय गृह मंत्रालय के फार्म-नौ नहीं दिए जाने के कारण कई फैक्ट्री मालिकों ने फैक्ट्री हिमाचल प्रदेश में शिफ्ट करने की तैयारी कर ली है। गन फैक्ट्री और फर्जी गन लाइसेंस बनाने के सरगना ने हिमाचल प्रदेश में परमानू औद्योगिक क्षेत्र चार कनाल जमीन भी ले ली है। जहां वह गंग्याल से फैक्ट्री शिफ्ट करेगा। इसके अलावा अन्य फैक्ट्री मालिकों ने भी प्रक्रिया शुरू कर दी है। ब्यूरो
----
नई दिल्ली से चल रहा है खेल
जम्मू। फर्जी गन लाइसेंस बनाने में प्रचलित जम्मू कश्मीर में प्रतिबंध के बाद भी लाइसेंस बन रहे हैं। सूत्रों के अनुसार जम्मू कश्मीर कैडर के एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी ने रामबन, शोपियां आदि जिलों के डीसी को फोन करके लाइसेंस बनाने के लिए कहा। आईएएस अधिकारी नई दिल्ली में वरिष्ठ पोस्ट पर है। इसके कारण डीसी भी गन फैक्ट्री और गन डीलरों के बीच सांठगांठ के करके लाइसेंस जारी कर गए। इससे पहले भी डीसी बांदीपोरा ने भी एक दिन में ने चार हजार गन लाइसेंस जारी किए। हिमाचल प्रदेश, पंजाब, मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार आदि राज्यों में पूरा एक गिरोह काम कर रहा है। ब्यूरो
----
गृह विभाग ने लगाया है प्रतिबंध
जम्मू। गृह विभाग के प्रधान सचिव सुरेश कुमार ने जिलाधीशों के लाइसेंस जारी पर प्रतिबंध लगाया था। जून में प्रतिबंध के बाद भी कई जिलाधीशों ने लाइसेंस जारी किए। आर्म्स एक्ट के तहत जिलाधीश किसी को भी गन लाइसेंस दे सकता है, लेकिन इतनी संख्या में गन लाइसेंस जारी करने के बाद सीबीआई के समक्ष केस आया और इसकी जांच जारी है। ब्यूरो