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Jammu News: गैंगस्टर रॉयल सिंह न्यायिक हिरासत की अवधि बढ़ी, 45 दिन और जेल में रहेगा
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। टाडा और यूएपीए की अदालत ने सोमवार को गैंगस्टर रॉयल सिंह की जांच और न्यायिक हिरासत की अवधि 45 दिन के लिए और बढ़ा दी। अब रॉयल सिंह को छह मार्च तक जेल में रहना होगा। तीसरे अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश मदन लाल की अदालत ने सोमवार को जांच एजेंसी के मामले की पूरी तरह से जांच करने के लिए पर्याप्त अवसर देने संबंधी आवेदन को मंजूर कर लिया।
अभियोजन का कहना था कि जब्त मोबाइल और डिजिटल उपकरणों की अंतिम फोरेंसिक जांच रिपोर्ट नहीं आई है। बरामद हथियारों की बैलिस्टिक और फोरेंसिक रिपोर्ट का भी इंतजार है। टेलीकॉम और डिजिटल डेटा का विश्लेषण करना है। सीमा पार हैंडलर समेत स्थानीय सहयोगियों व साजिशकर्ताओं की गिरफ्तारी, टेरर फंडिंग, मनी लॉन्ड्रिंग संबंधी वित्तीय जांच, अतिरिक्त परिसरों की तलाशी व गवाहों के बयान दर्ज करने के लिए हिरासत अवधि का बढ़ाया जाना जरूरी है।
कोर्ट ने माना कि जांच अधिकारी ने अब तक रिमांड की अवधि का सर्वोत्तम उपयोग किया है। मामले को तार्किक नतीजे तक ले जाने और आरोप पत्र प्रस्तुत करने के लिए हिरासत अवधि बढ़ाया जाना जरूरी है। आरोपी की वीसी के माध्यम से जेल से पेशी हुई। अदालत ने अतिरिक्त लोक अभियोजक के साथ ही बचाव पक्ष के वकील को सुना। सभी तथ्यों और परिस्थितियों को देखते 45 दिन की अवधि बढ़ाने को मंजरी दी। बता दें कि रॉयल सिंह की 90 दिन की न्यायिक हिरासत की अवधि 20 जनवरी को पूरी हो रही है।
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यह था मामला...
ऑल जम्मू एंड कश्मीर सिख कोऑर्डिनेशन कमेटी के चेयरमैन अजीत सिंह की शिकायत के आधार पर चार अक्तूबर को छन्नी हिम्मत थाने में मामला दर्ज हुआ था। अजीत सिंह ने आरोप लगाया था कि उन्हें पाकिस्तान के फोन नंबर से जान से मारने की धमकी भरी कॉल और व्हाट्सएप मैसेज मिले थे। कॉल करने वाले ने खुद को कुख्यात गैंगस्टर शहजाद भट्टी बताया था। आरोप है कि उसने रॉयल सिंह की रिहाई में मदद करने की मांग की। जांच के दौरान पता चला कि ये धमकियां सीमा पार से आतंकवाद से जुड़ी आपराधिक साजिश का हिस्सा थी। आरोपी रॉयल सिंह पहले से अन्य मामले में न्यायिक हिरासत में था।
अब तक बरामदगी
ऑडियो-वीडियो क्लिप, पांच मोबाइल, दो वाहन, 21 लाख रुपये, पिस्तौल, मैगजीन और ड्रोन से गिराने के लिए इस्तेमाल होने वाली पैकिंग सामग्री बरामद की गई। जांच में पता चला कि आरोपी के पाकिस्तान स्थित आतंकवादी सहयोगियों, जिसमें शहजाद भट्टी और डॉन जट्ट शामिल हैं, के साथ गहरे संबंध हैं। यह भी पता चला कि आरोपी के सोशल मीडिया अकाउंट इटली से ऑपरेट किए जा रहे थे और उनका इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों को फैलाने के लिए किया जा रहा था।
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जम्मू। टाडा और यूएपीए की अदालत ने सोमवार को गैंगस्टर रॉयल सिंह की जांच और न्यायिक हिरासत की अवधि 45 दिन के लिए और बढ़ा दी। अब रॉयल सिंह को छह मार्च तक जेल में रहना होगा। तीसरे अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश मदन लाल की अदालत ने सोमवार को जांच एजेंसी के मामले की पूरी तरह से जांच करने के लिए पर्याप्त अवसर देने संबंधी आवेदन को मंजूर कर लिया।
अभियोजन का कहना था कि जब्त मोबाइल और डिजिटल उपकरणों की अंतिम फोरेंसिक जांच रिपोर्ट नहीं आई है। बरामद हथियारों की बैलिस्टिक और फोरेंसिक रिपोर्ट का भी इंतजार है। टेलीकॉम और डिजिटल डेटा का विश्लेषण करना है। सीमा पार हैंडलर समेत स्थानीय सहयोगियों व साजिशकर्ताओं की गिरफ्तारी, टेरर फंडिंग, मनी लॉन्ड्रिंग संबंधी वित्तीय जांच, अतिरिक्त परिसरों की तलाशी व गवाहों के बयान दर्ज करने के लिए हिरासत अवधि का बढ़ाया जाना जरूरी है।
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कोर्ट ने माना कि जांच अधिकारी ने अब तक रिमांड की अवधि का सर्वोत्तम उपयोग किया है। मामले को तार्किक नतीजे तक ले जाने और आरोप पत्र प्रस्तुत करने के लिए हिरासत अवधि बढ़ाया जाना जरूरी है। आरोपी की वीसी के माध्यम से जेल से पेशी हुई। अदालत ने अतिरिक्त लोक अभियोजक के साथ ही बचाव पक्ष के वकील को सुना। सभी तथ्यों और परिस्थितियों को देखते 45 दिन की अवधि बढ़ाने को मंजरी दी। बता दें कि रॉयल सिंह की 90 दिन की न्यायिक हिरासत की अवधि 20 जनवरी को पूरी हो रही है।
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यह था मामला...
ऑल जम्मू एंड कश्मीर सिख कोऑर्डिनेशन कमेटी के चेयरमैन अजीत सिंह की शिकायत के आधार पर चार अक्तूबर को छन्नी हिम्मत थाने में मामला दर्ज हुआ था। अजीत सिंह ने आरोप लगाया था कि उन्हें पाकिस्तान के फोन नंबर से जान से मारने की धमकी भरी कॉल और व्हाट्सएप मैसेज मिले थे। कॉल करने वाले ने खुद को कुख्यात गैंगस्टर शहजाद भट्टी बताया था। आरोप है कि उसने रॉयल सिंह की रिहाई में मदद करने की मांग की। जांच के दौरान पता चला कि ये धमकियां सीमा पार से आतंकवाद से जुड़ी आपराधिक साजिश का हिस्सा थी। आरोपी रॉयल सिंह पहले से अन्य मामले में न्यायिक हिरासत में था।
अब तक बरामदगी
ऑडियो-वीडियो क्लिप, पांच मोबाइल, दो वाहन, 21 लाख रुपये, पिस्तौल, मैगजीन और ड्रोन से गिराने के लिए इस्तेमाल होने वाली पैकिंग सामग्री बरामद की गई। जांच में पता चला कि आरोपी के पाकिस्तान स्थित आतंकवादी सहयोगियों, जिसमें शहजाद भट्टी और डॉन जट्ट शामिल हैं, के साथ गहरे संबंध हैं। यह भी पता चला कि आरोपी के सोशल मीडिया अकाउंट इटली से ऑपरेट किए जा रहे थे और उनका इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों को फैलाने के लिए किया जा रहा था।