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जम्मू-कश्मीरः कैबिनेट सचिव ने कहा- रेड और ऑरेंज जोन में सख्ती से पाबंदियां लागू करें
Fri, 01 May 2020 03:19 PM IST
प्रशांत कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Fri, 01 May 2020 03:19 PM IST
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जम्मू कश्मीर में कोरोना वायरस
- फोटो : अमर उजाला
भारत सरकार ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को निर्धारित मानदंडों के तहत रेड और ऑरेंज जोन में कड़ाई से पाबंदियां लागू करने के लिए कहा गया है। इसके अलावा छात्रों/प्रवासी श्रमिकों की आवाजाही के लिए राज्य और केंद्र शासित प्रदेश मानक प्रोटोकाल विकसित करेंगे। कैबिनेट सचिव राजीव गौबा ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर कोविड के प्रभाव को कम करने के लिए कई दिशा निर्देश जारी किए।
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देश में 3 मई के बाद के परिदृश्य के लिए की जाने वाली तैयारियों पर चर्चा करते हुए कैबिनेट सचिव ने राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों से कुल सक्रिय मामलों, दोहरीकरण दर, परीक्षण और निगरानी प्रतिक्रिया पर आधारित रेड, ऑरेंज और ग्रीन क्षेत्रों में जिलों के वर्गीकरण का पालन करने को कहा। राज्य/केंद्रशासित प्रदेश अपने मूल्यांकन के आधार पर रेड/ऑरेंज श्रेणी के जिलों को जोड़ सकते हैं।
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उन्होंने इन क्षेत्रों में पाबंदियों को उनकी स्थिति के अनुसार लागू करने और भारत सरकार द्वारा समय-समय पर जारी किए गए दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करने के लिए कहा। प्रतिबंधित क्षेत्रों में विशेष रूप से पाबंदियों को लागू करते समय कोई ढिलाई नहीं दी जाए।
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विभिन्न राज्यों में फंसे छात्रों और प्रवासी श्रमिकों की आवाजाही के बारे में कैबिनेट सचिव ने राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों से ऐसे लोगों को लाने और भेजने के लिए मानक प्रोटोकॉल विकसित करने के लिए कहा। उन्होंने मुख्य सचिवों को दूसरे राज्यों में अपने समकक्षों के साथ समन्वय स्थापित करने के लिए कहा ताकि लोगों की आवाजाही के लिए कार्य योजना बनाई जाए। इसके लिए नोडल अधिकारियों को नामित किया जाए।
छात्रों/प्रवासी श्रमिकों को उनके मूल राज्यों में पहुंचाने से पहले और अपने राज्य पहुंचने के समय दो बार उनकी उचित स्वास्थ्य जांच की जाएगी, ताकि एक स्थान से दूसरे स्थान पर वायरस के संक्रमण के किसी भी खतरे से बचा जा सके। बैठक में मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रह्मण्यम, वित्तीय आयुक्त स्वास्थ्य अटल डुल्लू और एमडी एनएचएम भूपिंदर सिंह ने कैबिनेट सचिव के साथ चर्चा की।