Train to Kashmir: महाराजा हरि सिंह के बेटे बोले- ये सच में ऐतिहासिक क्षण, कभी चाच ने देखा था ट्रेन का सपना
Train to Kashmir: महाराजा हरि सिंह के बेटे डॉ. कर्ण सिंह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के इतिहास में आज सचमुच एक ऐतिहासिक क्षण है। कटरा से श्रीनगर तक ट्रेन का उद्घाटन एक आश्चर्यजनक तकनीकी उपलब्धि है, जिसके लिए सभी संबंधित लोग हमारे हार्दिक आभार के पात्र हैं। ट्रेन की अवधारणा कई दशक पहले महाराजा प्रताप सिंह ने शुरू की थी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और जम्मू-कश्मीर के पूर्व सदर ए रियासत डॉक्टर कर्ण सिंह ने कश्मीर के लिए रेल सेवा शुरू होने को इस क्षेत्र के लिए सही मायने में ऐतिहासिक पल करार दिया है। रियासत के अंतिम डोगरा शासक रहे महाराजा हरि सिंह के पुत्र कर्ण सिंह ने एक बयान जारी कर कहा कि आज का दिन जम्मू-कश्मीर के इतिहास में वास्तव में एक ऐतिहासिक पल है।
कटड़ा से श्रीनगर के लिए ट्रेन का उद्घाटन एक शानदार तकनीकी उपलब्धि है। इसे संभव बनाने में जो लोग भी शामिल रहे हैं वे हमारी हार्दिक कृतज्ञता के पात्र हैं। मैं इस परियोजना को पूरा करने और इसके उद्घाटन करने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी को बधाई देता हूं।
आगे कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि यह रेल लाइन कश्मीर घाटी और जम्मू में पर्यटन, व्यापार और वाणिज्य के विकास का नया दौर लाएगी। मैं खुद इस रेल लाइन पर यात्रा कर इसके शानदार पुलों और सुरंगों का दीदार करने के लिए उत्सुक हूं।
उन्होंने कहा कि इस रेल लाइन का विचार सबसे पहले महाराजा प्रताप सिंह को आया था। तब अंतरराष्ट्रीय इंजीनियरों से तीन परियोजना रिपोर्ट भी बनवाई गई थीं। यहां तक कि 1892 में महाराजा प्रताप सिंह ने जम्मू और कश्मीर को जोड़ने के लिए रेलवे परियोजना का शिलान्यास भी किया। लेकिन इस परियोजना के लिए जरूरी तकनीक और भारी-भरकम बजट तब उपलब्ध नहीं हो पाया। महाराजा प्रताप सिंह, महाराजा हरि सिंह के चाचा थे।
पीएम मोदी ने किया उद्घाटन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर पहुंचे। उन्होंने यहां 272 किलोमीटर लंबे उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेलवे लिंक के सबसे अहम पड़ाव कहे जाने वाले चिनाब रेलवे ब्रिज का उद्घाटन किया। महज 1315 मीटर लंबा यह पुल पूरे प्रोजेक्ट का सबसे कठिन और सबसे ज्यादा समय लेने वाला हिस्सा है। इस ब्रिज को बनाने के फैसले से लेकर उद्घाटन तक में 22 साल का समय लगा।
ये भी पढ़ें: USBRL परियोजना: 36 सुरंगें और 943 पुल, कटरा-बनिहाल खंड में भारत की सबसे लंबी रेलवे सुरंग, पीएम ने किया उद्घाटन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.