जम्मू और श्रीनगर में बनेंगे कम्युनिकेबल अस्पताल, भविष्य में कोविड जैसे संकट से निपटने की तैयारी
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जम्मू और कश्मीर में भविष्य में कोविड जैसे संक्रमित संकट से निपटने के लिए स्थायी तौर पर कम्युनिकेबल डिजीज अस्पताल बनाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए जम्मू और कश्मीर में एक-एक 100 बेड का अस्पताल का प्रस्ताव बनाया गया है।
इस अस्पताल में स्वाइन फ्लू, कोविड जैसे संक्रमित बीमारियों की चिकित्सा देखभाल दी जाएगी। प्रदेश में अभी तक संक्रमित बीमारियों के लिए अलग से कोई अस्पताल निर्मित नहीं है। स्वास्थ्य विभाग जम्मू ने कम्युनिकेबल डिजीज अस्पताल के लिए मंडलायुक्त जम्मू से 100 कनाल जमीन के लिए पत्र लिखा है।
कम्युनिकेबल अस्पताल का शहर में केंद्रित न करके बाहरी इलाके में निर्माण करवाया जाना प्रस्तावित है। इसके लिए विजयपुर, बाड़ी ब्राह्मणा के अलावा शहर से सटे अन्य इलाकों में जमीन देखी जा रही है। प्रदेश में अलग से कम्युनिकेबल डिजीज अस्पताल बनाने का फैसला कोविड संकट को देखते हुए लिया गया है। इसमें तैयारी की जा रही है कि भविष्य में अगर कोविड जैसे अन्य संक्रमित बीमारियां फैलती हैं तो उनके मरीजों को सामान्य अस्पतालों
के अलावा अलग से कम्युनिकेबल डिजीज अस्पताल में इलाज दिया जाए।
ऐसे अस्पतालों में अपनी खुद की लैब होगी, जिसमें मरीजों की रिपोर्टों के जल्द नतीजे लाकर उन्हें उचित इलाज देने पर काम किया जाएगा। ऐसे अस्पताल में संक्रमित बीमारियों से निपटने के लिए अत्याधुनिक उपकरण और उचित चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।
प्रदेश में संक्रमित बीमारियों के लिए ऐसे अलग से अस्पताल मरीजों के लिए वरदान साबित होंगे। उन्हें एक ही जगह पर सभी चिकित्सा सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी। कोविड संकट के दौरान स्वास्थ्य विभाग को सामान्य अस्पतालों को कोविड में तब्दील करना पड़ा है। एसोसिएटेड अस्पतालों में जीएमसी, सीडी और साइकाइट्री अस्पताल कोविड अस्पताल के रूप में काम कर रहे हैं।
सीडी और साइकाइट्री के मरीजों को जीएमसी और सुपर स्पेशलिटी में शिफ्ट कियागया है। इसी तरह स्वास्थ्य विभाग के गांधीनगर अस्पताल, नए जच्चा बच्चा अस्पताल को भी कोविड में तब्दील किया गया है। अगर कम्युनिकेबल डिजीज अस्पताल अलग से हों तो सामान्य अस्पतालों में गतिविधियां सामान्य तौर पर चलती रहेंगी।
कम्युनिकेबल बीमारियां एक इंसान से दूसरे इंसान में फैलती
कम्युनिकेबल डिजीज में संक्रमित बीमारियां एक इंसान से दूसरे इंसान में फैलती है। इनमें अधिकांश वायरस से जुड़ी बीमारियां होती हैं। यह बीमारियां सामुदायिक स्तर पर बड़े पैमाने पर फैलती हैं और हजारों लोग इनकी चपेट में आ जाते हैं।
संक्रमित बीमारियों के पीड़ितों को मिलेगी राहत: निदेशक
स्वास्थ्य निदेशक जम्मू डा. रेणु शर्मा के अनुसार कम्युनिकेबल डिजीज अस्पताल के लिए शुरुआत में अगर 50 कनाल जमीन भी उपलब्ध हो जाती है तो वहां काम शुरू किया जा सकता है। इस प्रोजेक्ट के तहत प्रशिक्षित और सक्षम चिकित्सा स्टाफ को तैनात किया जाएगा। उम्मीद है कि जमीन मिलने पर जल्द कम्युनिकेबल डिजीज अस्पताल का काम शुरू हो जाएगा। संक्रमित बीमारियों में ऐसे अस्पताल पीड़ितों के लिए काफी राहत देंगे।