सीआईएसएफ करेगी जम्मू-श्रीनगर एयरपोर्ट की सुरक्षा, डीएसपी की गिरफ्तारी के बाद लिया गया फैसला
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श्रीनगर एयरपोर्ट पर तैनात डीएसपी दविंदर सिंह की आतंकियों के साथ गिरफ्तारी के बाद जम्मू और श्रीनगर एयरपोर्ट की सुरक्षा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) को सौंपने का फैसला किया गया है। यह प्रक्रिया 31 जनवरी तक पूरी कर ली जाएगी। राज्य के गृह विभाग ने डीजीपी को इस आशय का आदेश भेजा है। फिलहाल, दोनों एयरपोर्ट की सुरक्षा सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस के हाथ में है।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद अब यहां के नागरिक एयरपोर्ट की सुरक्षा अब पूर्ण रूप से केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) को सौंप दी जाएगी। मौजूदा समय में जम्मू, श्रीनगर और लेह हवाईअड्डों की सुरक्षा सीआरपीएफ व जम्मू कश्मीर पुलिस के पास है। घाटी में बढ़ती आतंकी घटनाओं के मद्देनजर जल्द ही सुरक्षा के अत्याधुनिक उपकरणों एवं हथियारों से लैस सीआईएसएफ के 800 जवान एयरपोर्ट सुरक्षा की कमान संभालेंगे।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गृह मंत्रालय द्वारा जम्मू, श्रीनगर और लेह के एयरपोर्ट की सुरक्षा के लिए सीआईएसएफ के 800 जवानों की स्वीकृति दे दी गई है। जम्मू और श्रीनगर के एयरपोर्ट को अत्यंत संवेदनशील की श्रेणी में रखा गया है। वहीं लेह एयरपोर्ट को संवेदनशील की श्रेणी में रखा गया है। नई तैनाती के लिए तीनों एयरपोर्ट पर एक उन्नत संयुक्त कमान और विभिन्न सुरक्षा व खुफिया एजेंसियों का नियंत्रण स्थापित किया जाएगा।
सीआईएसएफ को 1999 में भारतीय विमान के हाइजैक होने के बाद एयरपोर्ट की सुरक्षा के लिए पहली बार लगाया गया
एयरपोर्ट पर अभी कुछ निर्माण सहित अन्य कार्य जैसे बैरक, कंट्रोल रूम, वाच टावर और एक्स-रे स्कैनर स्थापित करने का कार्य लंबित हैं जिसे सीआईएसएफ के चार्ज लेने से पहले पूरा कर लिया जाएगा। जवानों की तैनाती के लिए केंद्रीय बल के एविएशन सिक्योरिटी ग्रुप (एएसजी) को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।
अत्यंत संवेदनशील श्रीनगर एयरपोर्ट पर बाहरी परिधि की सुरक्षा की जिम्मेदारी अब सीआरपीएफ की होगी वहीं सीआईएसएफ शहरी व हवाई एक्सेस कंट्रोल की सुरक्षा करेगी। विभिन्न निगरानी उपकरणों जैसे सीसीटीवी, मेटल डिटेक्टर, बुलेट प्रूफ वाहन, बम निरोधक यंत्र आदि की पूर्ति भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण की तरफ से की जाएगी।
बता दें कि अभी तक इन तीनों एयरपोर्ट की सुरक्षा सीआरपीएफ व जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा की जा रही है। एयरपोर्ट की सुरक्षा को मजबूत करने और आतंकरोधी प्रोटोकॉल को स्थापित करने के लिए पिछले साल केंद्र सरकार ने फैसला किया था कि एयरपोर्ट की सुरक्षा के लिए सीआईएसएफ की तैनाती की जाएगी। 1.6 लाख जवानों की संख्या वाली सीआईएसएफ को 1999 में भारतीय विमान के हाइजैक होने के बाद एयरपोर्ट की सुरक्षा के लिए पहली बार लगाया गया था। देश के 100 नागरिक एयरपोर्ट में से 61 एयरपोर्ट की सुरक्षा की जिम्मेदारी फलहाल सीआईएसएफ के पास है।