जम्मू कश्मीर: सीजफायर खत्म होने का डिप्टी सीएम ने किया समर्थन तो उमर ने बताया नाकामी
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जम्मू कश्मीर में रमजान के पाक महीने में लागू किया गया एकतरफा सीजफायर को खत्म कर दिया गया है। केंद्र सरकार ने रविवारर को कश्मीर में लागू एकतरफा सीजफायर को खत्म करने की घोषणा भी कर दी है। केंद्र ने सुरक्षाबल बिना किसी रोक-टोक के आतंकियों के खात्में के लिए ऑपरेशन चलाने की खुली छूट दे दी है।
सीजफायर के दौरान आतंकी वारदात में तेजी के साथ इजाफा दर्ज किया गया है। सीजफायर खत्म होने के बाद रियासत के तमाम नेताओं की प्रतिक्रिया सामने आई है। डिप्टी सीएम कविंदर गुप्ता ने कहा कि आतंकी घटनाओं को अंजाम दे रहे दहशतगर्दों को करारा जवाब दिया जाएगा।
वहीं पूर्व मुख्यमंत्री और नेंका नेता उमर अब्दुल्ला ने इसे केंद्र और राज्य सरकार की नाकामी बताया। गौरतलब है कि सीजफायर के अंत पर एक बार फिर से रियासत की सियासत गर्मा उठी है।
आतंकियों को मिलेगा करारा जवाब : कवींद्र
घाटी में सीजफायर खत्म किए जाने का रियासत के डिप्टी सीएम कवींद्र गुप्ता ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि आतंकियों के खिलाफ आपरेशन कुछ समय के लिए स्थगित किया गया था।
जो भी इस प्रकार की गतिविधियों में लिप्त होगा उसे करारा जवाब दिया जाएगा। ऐसे तत्वों के खिलाफ ढूंढ ढूंढकर कार्रवाई होगी। रियासत में अमन बहाली के लिए केंद्र सरकार तथा भाजपा प्रतिबद्ध है।
This was just suspension of operations. A befitting reply will be given to everyone who indulged in such activities. We will find all the culprits: Kavinder Gupta, J&K Deputy CM on Ramzan ceasefire not extended. #JammuAndKashmir pic.twitter.com/iRtUmGFCuB
— ANI (@ANI) June 17, 2018
घाटी में अमन चाहने वालों की नाकामी : उमर
पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सीजफायर समाप्ति की घोषणा पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि यह हम सबकी विफलता है जो घाटी में अमन व शांति चाहते हैं। चुटकी लेते हुए कहा कि सीजफायर का फैसला केंद्र सरकार ने लिया था, लेकिन इसकी नाकामी पर यह लोग ऐसे खुश हैं जैसे कि इसे दुश्मनों ने लागू किया था।
The ceasefire or NICO was the Centre’s initiative & yet these people are celebrating its failure as if it had been announced by our enemies. It’s failure is the failure of everyone who wanted to give peace a chance. https://t.co/tnuuEEIWED
— Omar Abdullah (@OmarAbdullah) June 17, 2018
आपरेशन आल आउट में अब तक 300 ढेर
घाटी में पिछले वर्ष यानी 2017 में आपरेशन आल आउट के तहत 218 आतंकी ढेर किए गए थे। इनमें विभिन्न आतंकी संगठनों के कई टाप कमांडर भी रहे। 2018 में अब तक 77 आतंकियों को विभिन्न आपरेशनों में मार गिराया गया है। इनमें अबु दुजाना व समीर टाइगर जैसे दुर्दांत आतंकी भी शामिल रहे हैं।
सीजफायर सुरक्षा बलों और नागरिकों पर पड़ा भारी
घाटी में सीजफायर के दौरान 11 जवान शहीद हुए। इनमें पाकिस्तान की ओर से गोलाबारी के दौरान मारे गए जवान भी शामिल हैं। गोलाबारी और आतंकी घटनाओं में दो अबोध बच्चों समेत दर्जन भर नागरिक मारे गए।