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एक्शन: अवैध गन लाइसेंस केस में जम्मू-कश्मीर और दिल्ली में 40 स्थानों पर सीबीआई छापे
Sun, 25 Jul 2021 12:57 AM IST
प्रशांत कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Sun, 25 Jul 2021 12:57 AM IST
सार
- 20 गन हाउस, आईएएस अफसरों के घरों की तलाशी, कई दस्तावेज जब्त
- जम्मू, उधमपुर, श्रीनगर, राजोरी, अनंतनाग, बारामुला और दिल्ली में सीबीआई की कार्रवाई
- वर्ष 2012 से 2016 के दौरान 2.78 लाख अवैध गन लाइसेंस जारी करने का मामला
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जम्मू-कश्मीर में सीबीआई का छापा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अवैध गन लाइसेंस मामले में सीबीआई ने शनिवार को जम्मू-कश्मीर और दिल्ली के सात जिलों की 40 जगहों पर छापा मारा। दो आईएएस अफसरों शाहिद इकबाल चौधरी और नीरज कुमार के घरों की तलाशी भी ली गई। 20 से ज्यादा गन डीलरों और गन हाउस ठिकानों और कई नौकरशाहों के घरों पर पड़े छापों में कई तरह के दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
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यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर में वर्ष 2012 से 2016 के बीच 2.78 लाख अवैध गन लाइसेंस जारी करने को लेकर हुई है। सीबीआई के पास इसे लेकर दो केस दर्ज हैं। जम्मू कश्मीर के अलग-अलग जिलों से अवैध लाइसेंस जारी हुए। अकेले राजस्थान में ही 3 हजार लोगों को अवैध लाइसेंस जारी किए गए। ऐसा आरोप है कि अधिकारियों ने मोटी रकम लेकर लाइसेंस जारी किए। प्रदेश के बाहरी लोगों को अवैध रूप से लाइसेंस देने के लिए पैसे लिए गए।
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जानकारी के अनुसार सीबीआई ने श्रीनगर, जम्मू, उधमपुर, राजोरी, अनंतनाग, बारामुला और दिल्ली में छापे मारे। सीबीआई की टीम ने श्रीनगर स्थित पूर्व डीसी शाहिद इकबाल के तुलसी बाग स्थित आवास और जम्मू के बठिंडी स्थित आवास पर छापा मारा। शाहिद कई जिलों में उपायुक्त रह चुके हैं। वह कठुआ, राजोरी, रियासी और श्रीनगर में डीसी रह चुके हैं। राजोरी के सलानी पुल के पास सीबीआई की टीम ने गन हाउस पर छापा मारा और इसे कई तरह का रिकॉर्ड जब्त करते हुए पूछताछ की।
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डीसी शाहिद इकबाल के भाई जफर चौधरी के बठिंडी स्थित घर पर भी सीबीआई ने छापा मार कर पूछताछ की। जफर का कहना है कि उधमपुर में जब शाहिद डीसी रहे तो सिर्फ 1700 लाइसेंस जारी हुए। 15 से 20 लाइसेंस में प्रक्रियात्मक गड़बड़ हो सकती है। इसके पहले सीबीआई ने 2019 में श्रीनगर, जम्मू, गुड़गांव, नोएडा में छापा मारा था। तब जिलों के जिला उपायुक्तों कुपवाड़ा, बारामुला, उधमपुर, किश्तवाड़, शोपियां, राजोरी, डोडा, पुलवामा और अन्य से पूछताछ की गई थी। इनके ठिकानों पर छापे भी पड़े थे।
यह था मामला, ऐसा हुआ था खुलासा
2017 में राजस्थान एटीएस ने 50 लोगों को गिरफ्तार किया। इनके पास जम्मू कश्मीर से जारी अवैध रूप से गन लाइसेंस मिले। एटीएस का कहना है कि 3 हजार लोगों को सैन्य कर्मियों के नाम पर अवैध लाइसेंस दिए गए। एटीएस की जानकारी देने के बाद जम्मू-कश्मीर सरकार ने इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी। जांच में पाया गया कि 2.78 लाख लाइसेंस फर्जी तरीके से जारी किए गए हैं।
मेरे घर से सीबीआई को कुछ नहीं मिला
2012 से 2016 में 4. 49 लाख लाइसेंस जारी हुए। इनमें से 56 हजार उधमपुर, रियासी और कठुआ जिलों से लाइसेंस जारी हुए। इन तीनों जिलों में बतौर डीसी रहते हुए उधमपुर में 1700 लोगों को लाइसेंस जारी हुए। मैं 2015 से 2016 तक उधमपुर के डीसी रहा। इन तीनों जिलों में डीसी रहते सबसे कम लाइसेंस जारी हुए। सिर्फ 15 से 20 लाइसेंस में प्रक्रिया खराबी की वजह रही है। मैं सीबीआई के किसी भी सवाल का जवाब देने को तैयार हूं।
डॉ. शाहिद इकबाल, आईएएस
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