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CAT: कैट ने सुनाया अहम फैसला, डिस्टेंस एजुकेशन मोड से प्राप्त डिग्री नहीं होगी मान्य, शिक्षकों को मिली निराशा
Mon, 30 Dec 2024 11:48 AM IST
निकिता गुप्ता
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: निकिता गुप्ता
Updated Mon, 30 Dec 2024 11:48 AM IST
सार
कैट ने जम्मू-कश्मीर में राज्य विश्वविद्यालयों के ऑफ-कैंपस डिस्टेंस एजुकेशन मोड से प्राप्त डिग्रियों को मान्यता न देने का फैसला सुनाया है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : freepik
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विस्तार
राज्य विश्वविद्यालयों द्वारा उनके क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र से बाहर स्थापित ऑफ-कैंपस से दूरस्थ शिक्षा (डिस्टेंस एजुकेशन) मोड से प्राप्त डिग्री को मान्यता नहीं दी जाएगी। यह फैसला केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) की जम्मू खंडपीठ ने एक याचिका की सुनवाई के बाद सुनाया है। याचिका स्कूल शिक्षा विभाग में कार्यरत 12 शिक्षकों और मास्टरों ने साल 2007 में जम्मू-कश्मीर हाई-कोर्ट में दायर की थी, जिसे 2020 में कैट को हस्तांतरित कर दिया गया था।
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याचिकाकर्ताओं ने अदालत को बताया कि वे मध्य प्रदेश भोज (मुक्त) विश्वविद्यालय, भोपाल के अध्ययन केंद्रों से अलग-अलग विषयों में स्नातकोत्तर कर रहे हैं या कर चुके हैं। इन अध्ययन केंद्रों से प्राप्त पोस्ट ग्रेजुएट डिग्रियों के आधार पर वे हायर सेकेंडरी स्कूलों में लेक्चरर के पद पर पदोन्नति के लिए आवेदन करने के योग्य हैं। इसके बाद भी उन्हें जम्मू विश्वविद्यालय द्वारा जारी एक नोटिस के आधार पर पदोन्नति के योग्य नहीं माना जा रहा।
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इस नोटिस में कहा गया है कि मुक्त विश्वविद्यालय, भोपाल में अध्ययन कर रहे छात्रों की डिग्रियों को उच्च शिक्षा और सार्वजनिक रोजगार के प्रयोजनों के लिए मान्यता नहीं दी जाएगी। कूल शिक्षा निदेशक ने भी जम्मू संभाग के सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया था कि दूरस्थ शिक्षा परिषद द्वारा अनुमोदित न किए गए अध्ययन केंद्रों द्वारा जारी डिग्री को मान्यता ना दी जाए।याचिकाकर्ताओं ने दलील दी कि जम्मू-कश्मीर में अध्ययन केंद्र चलाने वाले पंजाब तकनीकी विश्वविद्यालय से डिग्री प्राप्त शिक्षकों ने भी साल 2006 में ऐसी ही याचिका दायर की थी। जिस पर फैसला करते हुए हाईकोर्ट ने जम्मू विश्वविद्यालय द्वारा जारी किए गए नोटिस पर रोक लगा दी थी।
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मुक्त विश्वविद्यालय, एक मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय है और डिस्टेंस एजुकेशन प्रोग्राम के तहत अपने अध्ययन केंद्र खोलने के लिए अधिकृत है।याचिका पर दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने और अभिलेखों को देखने के बाद कैट ने प्रतिवादियों के पक्ष में फैसला सुनाया। कैट ने कहा कि इस संबंध में प्रशासनिक विभाग साल 2017 में एक आदेश जारी कर चुका है।
आदेश में स्कूल शिक्षा विभाग में सेवारत कर्मचारियों द्वारा प्राप्त डिस्टेंस एजुकेशन मोड की डिग्री की वैधता की जांच और सत्यापन के लिए कुछ विशेष तरीकों को अपनाने की मंजूरी दी गई थी। उसी आदेश में कहा गया था कि राज्य विश्वविद्यालयों द्वारा उनके क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र से बाहर स्थापित ऑफ-कैंपस से डिस्टेंस एजुकेशन मोड के माध्यम से प्राप्त की गई डिग्री को मान्यता नहीं दी जाएगी। जम्मू-कश्मीर निजी महाविद्यालय (विनियमन एवं नियंत्रण) नियम, 2005 के लागू होने से पहले जिन्होंने डिस्टेंस एजुकेशन के माध्यम से डिग्री हासिल की है, उन्हें ही वैध माना जाएगा। इन सब आधारों पर कैट ने याचिका को खारिज कर दिया।