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अमरनाथ यात्रियों को कश्मीर से एयरलिफ्ट करने के लिए बुलाया गया वायु सेना का सी-17 विमान
Sat, 03 Aug 2019 08:03 PM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Sat, 03 Aug 2019 08:03 PM IST
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भारतीय वायुसेना का मालवाहक विमान
- फोटो : Indian Air Force Twitter
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जम्मू-कश्मीर सरकार ने भारतीय वायु सेना से कश्मीर में मौजूद अमरनाथ यात्रियों और पर्यटकों को वहां से एयरलिफ्ट कर सुरक्षित स्थानों पर छोड़ने की अपील की है। न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने वायु सेना से अपने सी 17 विमान से अमरनाथ यात्रियों को श्रीनगर से पठानकोट, जम्मू और दिल्ली में से किसी भी स्टेशन पर पहुंचाने की अपील की है।
सरकारी सूत्रों ने एजेंसी को बताया कि जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने भारतीय वायु सेना को इस संबंध में आग्रह भेजा है। इसमें कहा गया है कि वायु सेना अमरनाथ यात्रियों को कश्मीर घाटी से सी-17 विमान से सुरक्षित स्थानों पर ले जाए। पहला सी-17 विमान कुछ ही घंटों में श्रीनगर पहुंच जाएगा।
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सी-17 ग्लोबमास्टर विमान को पहले से ही जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों को पहुंचाने के लिए लगाया गया है। सी-17 विमान एक बार में 230 लोगों को लेकर जा सकता है।
जम्मू में भगवती नगर बेस कैंप पूरी तरह से खाली करा दिया गया है। सभी यात्रियों को उनके मूल निवास जाने के लिए कहा गया है। इससे पहले शुक्रवार को राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा कि किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें। अमरनाथ यात्रियों को तत्काल घाटी छोड़ने की सलाह से उत्पन्न अफरातफरी के बीच घाटी में तेजी से राजनीतिक समीकरण भी बदले। सभी दलों ने एकजुटता प्रदर्शित करने की कोशिश की।
नेशनल कॉन्फ्रेंस को छोड़कर सभी दलों के नेताओं ने शुक्रवार की रात राजभवन पहुंचकर सरकारी आदेशों को लेकर उत्पन्न अफरातफरी के माहौल तथा लोगों की चिंताओं की जानकारी दी। राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने नेताओं को आश्वस्त किया कि वे शांति बनाए रखें। अफवाहों पर बिल्कुल ध्यान न दें।
जम्मू-कश्मीर में 10 हजार सुरक्षाबलों की तैनाती के हफ्ते भर के अंदर ही केंद्र सरकार द्वारा 28 हजार और जवानों को जम्मू-कश्मीर भेजा जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक जवान गुरुवार सुबह से घाटी में पहुंचने लगे हैं। राज्य के अलग-अलग इलाकों में उन्हें तैनाती दी जा रही है।
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सरकारी सूत्रों ने एजेंसी को बताया कि जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने भारतीय वायु सेना को इस संबंध में आग्रह भेजा है। इसमें कहा गया है कि वायु सेना अमरनाथ यात्रियों को कश्मीर घाटी से सी-17 विमान से सुरक्षित स्थानों पर ले जाए। पहला सी-17 विमान कुछ ही घंटों में श्रीनगर पहुंच जाएगा।
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सी-17 ग्लोबमास्टर विमान को पहले से ही जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों को पहुंचाने के लिए लगाया गया है। सी-17 विमान एक बार में 230 लोगों को लेकर जा सकता है।
रवानगी का सिलसिला जारी
शुक्रवार को घाटी में जारी की गई एडवाइजरी के बाद से ही अमरनाथ यात्रियों, पर्यटकों और कश्मीर में पढ़ रहे बाहरी छात्र-छात्राओं को यहां से रवाना करने का सिलसिला जारी है। शनिवार तड़के एनआईटी श्रीनगर से करीब 800 छात्र-छात्राओं को बस के जरिये श्रीनगर से जम्मू भेजा जा रहा है। इसके साथ ही श्रीनगर में मौजूद अमरनाथ यात्री और पर्यटकों को भी बसों के जरिये घाटी से जम्मू भेजा जा रहा है। पहलगाम बेस कैंप से सभी यात्रियों को वापस भेज दिया गया है, वहीं सोनमर्ग, गुलमर्ग और श्रीनगर से लगातार यात्रियों की घाटी से रवानगी जारी है।जम्मू में भगवती नगर बेस कैंप पूरी तरह से खाली करा दिया गया है। सभी यात्रियों को उनके मूल निवास जाने के लिए कहा गया है। इससे पहले शुक्रवार को राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा कि किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें। अमरनाथ यात्रियों को तत्काल घाटी छोड़ने की सलाह से उत्पन्न अफरातफरी के बीच घाटी में तेजी से राजनीतिक समीकरण भी बदले। सभी दलों ने एकजुटता प्रदर्शित करने की कोशिश की।
नेशनल कॉन्फ्रेंस को छोड़कर सभी दलों के नेताओं ने शुक्रवार की रात राजभवन पहुंचकर सरकारी आदेशों को लेकर उत्पन्न अफरातफरी के माहौल तथा लोगों की चिंताओं की जानकारी दी। राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने नेताओं को आश्वस्त किया कि वे शांति बनाए रखें। अफवाहों पर बिल्कुल ध्यान न दें।
पहले से थी वायु सेना अलर्ट पर
भारत सरकार ने घाटी के मौजूदा हालातों को देखते हुए भारतीय सेना व वायु सेना को बुधवार को ही हाई अलर्ट पर रहने को कहा था। वहीं 28 हजार अतिरिक्त जवान घाटी में तैनात किए जा रहे हैं। वहीं भारी संख्या में जवानों की तैनाती को देखते हुए वायु सेना ने अपने सी-17 विमान को घाटी में तैनात करने की जा रही है। अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती पर गृह मंत्रालय ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में अर्द्धसैन्य बलों की तैनाती आंतरिक सुरक्षा स्थिति के आकलन और प्रशिक्षण की आवश्यकताओं के आधार पर की गई है।जम्मू-कश्मीर में 10 हजार सुरक्षाबलों की तैनाती के हफ्ते भर के अंदर ही केंद्र सरकार द्वारा 28 हजार और जवानों को जम्मू-कश्मीर भेजा जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक जवान गुरुवार सुबह से घाटी में पहुंचने लगे हैं। राज्य के अलग-अलग इलाकों में उन्हें तैनाती दी जा रही है।