पाक गोलाबारी के दौरान अब नहीं जाएगी ग्रामीणों की जान
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पाकिस्तान की ओर से गोलीबारी के बाद अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बसे ग्रामीणों को अब पलायन के लिए विवश नहीं होना पडे़गा। केंद्र सरकार ने सीमा पर बसे ग्रामीणों को सुरक्षा मुहैया करवाने के लिए बंकर बनाने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है।
पहले चरण में बंकर बनाने के लिए 20 करोड़ रुपये की राशि भी केंद्र सरकार ने जारी कर दी है। सीमांत लोगों के लिए बनने वाले इन बंकरों में रसोई के अलावा शौचालय की भी सुविधा होगी।
ग्रामीणों के पालतू मवेशियों को भी गोलीबारी से बचाने के लिए बंकर में जगह दी जाएगी। हीरानगर सेक्टर में भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट बसे बोविया गांव में सीमांत लोगों के लिए सुलभ शौचालय बनाने के निर्माण कार्य की समीक्षा करने के लिए पहुंचे पीएमओ में मंत्री और स्थानीय सांसद डॉ. जितेंद्र सिंह ने यह जानकारी दी।
केंद्रीय गृह मंत्रालय की निगरानी में सीमा सुरक्षा बल करवाएगा निर्माण
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बसे ग्रामीणों को वर्षों से पड़ोसी मुल्क की ओर से अकारण होने वाली गोलीबारी के चलते अक्सर पलायन करना पड़ता था। इससे ग्रामीणों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता था।
केंद्र में भाजपा की सरकार आते ही सीमा पर आपात स्थिति में ग्रामीणों को सुरक्षित रखने के लिए बंकर बनाने का प्रस्ताव तैयार हुआ और पहले चरण में पैसा भी जारी हो गया है।
उन्होंने कहा कि बंकर केंद्रीय गृह मंत्रालय की निगरानी में सीमा सुरक्षा बल बनाएगा। शीघ्र ही बंकर बनाने का काम शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती लोगों की मुश्किलों को हल करने के लिए सरकार गंभीर है और हर संभव प्रयास किया जा रहा है कि ग्रामीणों को फिर से पलायन का दुख न झेलना पडे़।