जम्मू-कश्मीर में सरहदी इलाकों में पहुंचेगी बुलेट प्रूफ एंबुलेंस, माइन ब्लास्ट से भी नहीं पड़ेगा फर्क
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जानकारी के अनुसार राजोरी, पुंछ, जम्मू, सांबा, कठुआ प्रत्येक जिले के लिए एक एंबुलेंस खरीदी जाएगी। इन एंबुलेंस का इस्तेमाल सिर्फ और सिर्फ पाकिस्तान की तरफ से होने वाली गोलाबारी के दौरान किया जाएगा। इसमें माइन विस्फोट तक से बचने की क्षमता होगी। केंद्र सरकार ने इनकी खरीद की मंजूरी दी थी। अब इसका टेंडर जारी कर दिया गया है। किसी निजी निर्माण कंपनी से इनको पुलिस महकमा खरीदेगा। बेशक हर जिले के लिए एक-एक एंबुलेंस खरीदी जानी है, लेकिन जरूरत पड़ने पर इनको दूसरे जिलों के लिए भी इस्तेमाल किया जाएगा।
ये होंगी विशेषताएं
एंबुलेंस में लाइफ सेविंग डिवाइस होंगे। इसमें किसी घायल हो बार्डर से अस्पताल तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। यह एंबुलेंस के तौर पर भी काम करेगी और बुलेट प्रूफ वाहन का भी। यदि कोई घायल होगा तो उसे गोलाबारी से सुरक्षित निकालकर अस्पताल तक पहुंचाया जा सकेगा। इसमें बैठा हुआ स्टाफ घायल को एंबुलेंस में बैठकर ही प्राथमिक उपचार देगा। अस्पताल तक पहुंचने को उसकी मदद करेगा।
जल्द आएंगी एंबुलेंस
"पहले इनकी खरीद की मंजूरी मिली थी। अब हमने इसका टेंडर जारी कर दिया है। एक महीने तक यह पहुंच जाएंगी। पाकिस्तानी गोलाबारी होने पर इन एंबुलेंस का इस्तेमाल किया जाएगा।" - मुब्बसर लतीफी, एआईजी, ट्रांसपोर्ट पुलिस मुख्यालय