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बुद्धल तहसील तो बनी पर नहीं मिला तहसीलदार
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जम्मू-कश्मीर के उप राज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मु ने राजोरी के मोड़ा दराज में पुल का उद्घाटन करते हु
- फोटो : RAJOURI
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राजोरी। पुल का उद्घाटन करने सोमवार को बुद्धल पहुंचे उप राज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू से बुद्धल ब्लॉक के सरपंचों का एक शिष्टमंडल मिला और इलाके की कई समस्याएं उनके समक्ष रखी। इस दौरान बुद्धल के प्राइमरी हेल्थ सेंटर (पीएचसी) का दर्जा बढ़ाने की मांग प्रमुखता से उठाई गई।
सरपंच फारूक इंकलाबी की अगुवाई में सरपंचों ने उप राज्यपाल को बताया कि बुद्धल के साथ सात दशक से भेदभाव होता रहा है। बुद्धल को तहसील का दर्जा तो दिया गया, लेकिन अभी तक तहसीलदार की नियुक्ति नहीं की गई। यहां जल्द तहसीलदार नियुक्त किया जाए। बुद्धल की पीएचसी को सीएचसी का दर्जा देने की मांग करते हुए सरपंचों ने कहा कि बुद्धल के साथ-साथ रियासी जिले के भी कई इलाके बुद्धल पीएचसी पर निर्भर हैं। यहां विशेषज्ञ डॉक्टर तैनात किए जाएं।
बुद्धल को कश्मीर घाटी से जोड़ने के लिए बुद्धल-शोपियां सड़क का निर्माण करने की मांग भी उप राज्यपाल से की गई। सरपंचों ने बताया कि इस सड़क के बन जाने से पूरे जिले को लाभ पहुंचेगा। बुद्धल और आसपास के इलाकों में बिजली, पेयजल की किल्लत को दूर करने के अलावा सड़कों की मरम्मत करने व स्कूलों में शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने की भी मांग की गई। उप राज्यपाल ने शिष्टमंडल को भरोसा दिया कि वह जल्द ही बुद्धल का एक दौरा करेंगे और लोगों की परेशानियों को सुनकर उनका हल करेंगे।
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मोड़ा दराज के सरपंच ने जताया रोष
उप राज्यपाल से मिलने का अवसर नहीं मिलने पर मोड़ा दराज के सरपंच लियाकत ने रोष जताया। उसने कहा कि सरपंचों का जो शिष्टमंडल उप राज्यपाल से मिलने के लिए बनाया गया था, उस में सरपंचों के अलावा कुछ अन्य लोग भी थे। जिला प्रशासन की लापरवाही के चलते कई सरपंच उप राज्यपाल से नहीं मिल पाए। उनकी जगह अन्य लोग सरपंच बन कर शिष्टमंडल के साथ चले गए।
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सरपंच फारूक इंकलाबी की अगुवाई में सरपंचों ने उप राज्यपाल को बताया कि बुद्धल के साथ सात दशक से भेदभाव होता रहा है। बुद्धल को तहसील का दर्जा तो दिया गया, लेकिन अभी तक तहसीलदार की नियुक्ति नहीं की गई। यहां जल्द तहसीलदार नियुक्त किया जाए। बुद्धल की पीएचसी को सीएचसी का दर्जा देने की मांग करते हुए सरपंचों ने कहा कि बुद्धल के साथ-साथ रियासी जिले के भी कई इलाके बुद्धल पीएचसी पर निर्भर हैं। यहां विशेषज्ञ डॉक्टर तैनात किए जाएं।
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बुद्धल को कश्मीर घाटी से जोड़ने के लिए बुद्धल-शोपियां सड़क का निर्माण करने की मांग भी उप राज्यपाल से की गई। सरपंचों ने बताया कि इस सड़क के बन जाने से पूरे जिले को लाभ पहुंचेगा। बुद्धल और आसपास के इलाकों में बिजली, पेयजल की किल्लत को दूर करने के अलावा सड़कों की मरम्मत करने व स्कूलों में शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने की भी मांग की गई। उप राज्यपाल ने शिष्टमंडल को भरोसा दिया कि वह जल्द ही बुद्धल का एक दौरा करेंगे और लोगों की परेशानियों को सुनकर उनका हल करेंगे।
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मोड़ा दराज के सरपंच ने जताया रोष
उप राज्यपाल से मिलने का अवसर नहीं मिलने पर मोड़ा दराज के सरपंच लियाकत ने रोष जताया। उसने कहा कि सरपंचों का जो शिष्टमंडल उप राज्यपाल से मिलने के लिए बनाया गया था, उस में सरपंचों के अलावा कुछ अन्य लोग भी थे। जिला प्रशासन की लापरवाही के चलते कई सरपंच उप राज्यपाल से नहीं मिल पाए। उनकी जगह अन्य लोग सरपंच बन कर शिष्टमंडल के साथ चले गए।