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ब्रिटिश काउंसिल मानदंडों के तहत अंग्रेजी बोलेंगे बच्चे
ब्यूरो/ अमर उजाला, जम्मू
Updated Sat, 20 Feb 2016 11:17 AM IST
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विषयों की समझ होने के बावजूद अभिव्यक्ति की कमजोरी से जूझ रहे सरकारी स्कूलों के बच्चे जल्द ही ब्रिटिश काउंसिल द्वारा प्रशिक्षित शिक्षकों की सेवाएं ले सकेंगे।
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स्पोकन इंग्लिश या फिर कहें फंक्शनल इंग्लिश के महत्व को समझते हुए राज्य शिक्षा विभाग शिक्षकों को अंग्रेजी पढ़ाने का खास प्रशिक्षण देने जा रहा है। राज्य में पायलट प्रोजेक्ट के आधार पर बीस स्कूलों से पचास शिक्षकों को इस प्रशिक्षण के लिए चुना गया है।
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प्रशिक्षण पूरा होने के बाद चरणवार इसे विस्तार देने की योजना है। देश के गिने-चुने राज्यों में शुमार जम्मू कश्मीर के सरकारी स्कूलों में पहली कक्षा से इंग्लिश मीडियम में पढ़ाई करवाई जा रही है, लेकिन अंग्रेजी भाषा का प्रयोग संतोषजक स्तर पर नहीं हो पा रहा। शिक्षकों के पास अंग्रेजी का ज्ञान है भी तो वह फर्राटेदार अंग्रेजी बोलने में सक्षम नहीं हैं।
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नतीजतन इंग्लिश मीडियम की शिक्षा सार्थक नहीं हो पा रही है। पूर्व शिक्षा मंत्री नईम अख्तर ने स्कूलों में औचक निरीक्षण के दौरान शिक्षकों में अंग्रेजी मीडियम के लिहाज से कई खामियां पाई थीं। गांव तो अलग से शहर के कई सरकारी स्कूलों में बच्चे अभिव्यक्ति में खासे कमजोर पाए गए।
अब राज्यपाल शासन के दौरान अभिव्यक्ति की कमजोरी को दूर करने की कवायद को आगे बढ़ाया जा रहा है। स्कूली शिक्षा निदेशक जम्मू स्मिता सेठी के अनुसार विभाग ने ब्रिटिश काउंसिल के जम्मू कश्मीर चैप्टर से स्पोकन इंग्लिश की मदद ली जा रही है।
जम्मू संभाग में राजोरी जिले के बीस स्कूलों से 50 शिक्षक चुने गए हैं। इन्हें रिसोर्स पर्सन बनाने की तैयारी है। बच्चों को अंग्रेजी बोलना सिखाने के लिए शिक्षकों को खास ट्रेनिंग दिलाई जाएगी। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर राजोरी से की जा रही शुरुआत के बाद में अन्य जिलों तक विस्तार हासिल करेगी।