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अफसर दफ्तर के बजाय लोगों के घर जाकर समस्या सुलझाएं
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उपायुक्त अंशुल गर्ग अखनूर के गांव में ब्लाक दिवस में समस्याएं सुनते हुए।
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अखनूर। उपायुक्त अंशुल गर्ग ने में कहा कि ब्लॉक दिवस का मुख्य मुद्दा लोगों की समस्याओं के समाधान करना है। अफसर विभाग के कार्यालय में आने की बजाय लोगों के घरों में जाकर उनकी समस्याओं का निपटारा करे। क्षेत्र के दूरदराज गांव के लोगों को बिजली, पानी, सड़क सहित अन्य समस्याओं के समाधान के लिए सरपंचों और पंचों के सहयोग से ही हल निकलेगा।
उपायुक्त बुधवार को पंचायत सुमाह में ब्लॉक दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि कोविड के मामले कम होने पर अब हर सप्ताह ब्लॉक दिवस का आयोजन करके लोगों की समस्याएं मौके पर ही हल की जाएंगी। इसमें सभी विभाग के अधिकारी अपनी पूरी तैयारी से आएं और लोगों की समस्याओं का मौके पर समाधान करें। ब्लॉक दिवस में विभिन्न पंचायतों के प्रतिनिधिमंडलों के अलावा सैकड़ों लोगों ने क्षेत्र की समस्याओं से अवगत कराया।
कार्यक्रम में सरपंच, पंच सहित अन्य प्रतिनिधि सदस्यों ने अपनी-अपनी पंचायतों से संबंधित मुद्दों पर प्रकाश डाला। जो मुख्य रूप से पानी और बिजली की अनियमित आपूर्ति, राजस्व, मुआवजा, राशन कार्ड, आईएवाई, सड़क संपर्क, खनन, हैंडपंप, स्वास्थ्य केंद्र आदि से संबंधित रहे। उपायुक्त ने पीआरआई सदस्यों, प्रतिनिधिमंडलों और व्यक्तियों को धैर्यपूर्वक सुना और संबंधित विभाग के अधिकारियों को उनके निवारण के लिए निर्देश दिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि सार्वजनिक महत्व के प्रमुख मुद्दों को उच्च अधिकारियों के साथ उठाया जाएगा और सभी लंबित और सार्वजनिक सेवा वितरण की शिथिलता की पूरी समीक्षा की जाएगी। उपायुक्त ने प्राइमरी हेल्थ सेंटर का भी दौरा किया।
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मौके पर डीडीसी सदस्य शारदा भाऊ, बीडीसी अध्यक्ष किरण पवार, एसडीएम चांद किशोर शर्मा, तहसीलदार सुरेंद्र सिंह, नायब तहसीलदार अशोक शर्मा, सरपंच अश्वनी शर्मा आदि उपस्थित रहे।
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पांच सरपंच बुलाने से रोष
ब्लॉक दिवस में पर क्षेत्र के मात्र पांच सरपंच आमंत्रित किए जाने पर अखनूर सरपंच एसोसिएशन ने प्रशासन के प्रति रोष जताया। सरपंचों ने कहा कि अगर प्रशासन ने कोरोना के सामाजिक दूरियों के मध्य सरपंचों को भाग नही लेने दिया तो कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में लोग एकत्रित थे। उनका कहना है क्षेत्र के लोगों की जनसमस्याओं को उजागर करने के बारे में सरपंच और पंच ही जानकारी दे सकते थे, जबकि राजस्व, बिजली, जल शक्ति सहित अन्य विभागों की कार्यप्रणाली सही नहीं होने के बारे में अवगत कराना था। मगर प्रशासन को भनक लगने पर सरपंचों को नहीं बुलाया।
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उपायुक्त बुधवार को पंचायत सुमाह में ब्लॉक दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि कोविड के मामले कम होने पर अब हर सप्ताह ब्लॉक दिवस का आयोजन करके लोगों की समस्याएं मौके पर ही हल की जाएंगी। इसमें सभी विभाग के अधिकारी अपनी पूरी तैयारी से आएं और लोगों की समस्याओं का मौके पर समाधान करें। ब्लॉक दिवस में विभिन्न पंचायतों के प्रतिनिधिमंडलों के अलावा सैकड़ों लोगों ने क्षेत्र की समस्याओं से अवगत कराया।
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कार्यक्रम में सरपंच, पंच सहित अन्य प्रतिनिधि सदस्यों ने अपनी-अपनी पंचायतों से संबंधित मुद्दों पर प्रकाश डाला। जो मुख्य रूप से पानी और बिजली की अनियमित आपूर्ति, राजस्व, मुआवजा, राशन कार्ड, आईएवाई, सड़क संपर्क, खनन, हैंडपंप, स्वास्थ्य केंद्र आदि से संबंधित रहे। उपायुक्त ने पीआरआई सदस्यों, प्रतिनिधिमंडलों और व्यक्तियों को धैर्यपूर्वक सुना और संबंधित विभाग के अधिकारियों को उनके निवारण के लिए निर्देश दिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि सार्वजनिक महत्व के प्रमुख मुद्दों को उच्च अधिकारियों के साथ उठाया जाएगा और सभी लंबित और सार्वजनिक सेवा वितरण की शिथिलता की पूरी समीक्षा की जाएगी। उपायुक्त ने प्राइमरी हेल्थ सेंटर का भी दौरा किया।
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मौके पर डीडीसी सदस्य शारदा भाऊ, बीडीसी अध्यक्ष किरण पवार, एसडीएम चांद किशोर शर्मा, तहसीलदार सुरेंद्र सिंह, नायब तहसीलदार अशोक शर्मा, सरपंच अश्वनी शर्मा आदि उपस्थित रहे।
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पांच सरपंच बुलाने से रोष
ब्लॉक दिवस में पर क्षेत्र के मात्र पांच सरपंच आमंत्रित किए जाने पर अखनूर सरपंच एसोसिएशन ने प्रशासन के प्रति रोष जताया। सरपंचों ने कहा कि अगर प्रशासन ने कोरोना के सामाजिक दूरियों के मध्य सरपंचों को भाग नही लेने दिया तो कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में लोग एकत्रित थे। उनका कहना है क्षेत्र के लोगों की जनसमस्याओं को उजागर करने के बारे में सरपंच और पंच ही जानकारी दे सकते थे, जबकि राजस्व, बिजली, जल शक्ति सहित अन्य विभागों की कार्यप्रणाली सही नहीं होने के बारे में अवगत कराना था। मगर प्रशासन को भनक लगने पर सरपंचों को नहीं बुलाया।