लेह परिषद चुनाव में भाजपा ने लहराया परचम
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लेह स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद चुनाव में भाजपा ने परचम लहराते हुए दो तिहाई बहुमत हासिल किया। कुल 26 सीटों में से भाजपा को 18 सीटों पर जीत मिली है।
पिछले दस सालों से लेह परिषद का गठन करते आ रही कांग्रेस को करारा झटका लगा है। कांग्रेस पांच सीटों पर सिमट गई है। नेशनल कांफ्रेंस को दो सीटों पर जीत हासिल हुई। एक निर्दलीय उम्मीदवार भी चुनाव जीतने में सफल रहा है।
पीडीपी का खाता तक नहीं खुला। वर्ष 2010 के चुनाव में कांग्रेस को 22 और भाजपा को चार सीटें हासिल हुई थीं। भाजपा को हुंदर, टेगार, पनामिक, तंगस्ते, चुसुल, कुंगयाम, सकती, लगू, मर्सेलांग, थिकसे, चुशूत, अपर लेह, फ्यांग, सकू मारखा, ससपोल, तमिसगाम, खलतसे, सकुरबुचान सीटों पर जीत दर्ज हुई है। कांग्रेस को लिंगशेत, लमेयाड़ू, बासगो और कारजोक, न्योमा सीटों पर जीत मिली है।
केन्द्र सरकार को दिया श्रेय
नेशनल कांफ्रेंस ने टुरटुक और लोअर लेह सीट पर जीत दर्ज की है। दिसकिट में निर्दलीय उम्मीदवार को जीत हासिल हुई है। रियासत में सत्ताधारी पीडीपी का कोई उम्मीदवार जीत हासिल नहीं कर पाया।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष एवं सांसद जुगल किशोर शर्मा ने कहा कि भाजपा ने लद्दाख में नया अध्याय लिखा है। पार्टी के लिए ऐतिहासिक जीत है। यह जीत केंद्र की मोदी सरकार और रियासत में भाजपा के कामकाज से जन संतोष को बयां करती है।
चुनाव में पूरी निष्ठा से पार्टी के लिए काम करने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं को बधाई। प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रविंद्र शर्मा ने कहा कि लेह स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद चुनाव स्थानीय स्तर पर हुए।
भाजपा ने सरकारी मशीनरी का जमकर प्रयोग किया और लोगों को सब्जबाग दिखाएं। कांग्रेस पिछले दस सालों से परिषद में थी। बेहतर काम करने के बावजूद कांग्रेस को नुकसान हुआ। हार को स्वीकार करते हुए पार्टी कारणों का मंथन करेगी।