सरकार बनने की सुगबुगाहटें फिर तेज, दिल्ली पहुंचीं महबूबा
- पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती दो दिवसीय दौरे पर मंगलवार को दिल्ली पहुंच गई हैं।
- जनता की नाराजगी को ध्यान में रखते हुए रियासत में नई सरकार के लिए कोशिशें तेज हुई हैं।
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रियासत में सरकार गठन के प्रयास तेज हो गए हैं। कहा जा रहा है कि पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती दो दिवसीय दौरे पर मंगलवार को दिल्ली पहुंच गई हैं। माना जा रहा है कि उनकी मुलाकात भाजपा नेताओं से हो सकती है।
फिलहाल भाजपा के महासचिव तथा वार्ताकार राम माधव के बुधवार को दिल्ली लौटने की बात कही जा रही है। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच बातचीत होगी और फिर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से महबूबा की मुलाकात हो सकती है।
सूत्रों का कहना है कि पीडीपी के भीतर लगातार बढ़ते दबाव तथा जनता की नाराजगी को ध्यान में रखते हुए रियासत में नई सरकार के लिए कोशिशें तेज हुई हैं। इसके तहत महबूबा लगातार यह संकेत दे रही हैं कि भाजपा के साथ गठजोड़ कर सरकार बनाने में उन्हें कोई परहेज नहीं है।
बस केंद्र सरकार को इसके लिए विश्वास बहाली के कदम उठाने होंगे। माना जा रहा है कि पीडीपी के स्पष्ट संकेत के बाद दिल्ली में भाजपा के शीर्ष नेतृत्व तथा महबूबा के बीच वार्ता के आधार पर सरकार गठन पर मुहर लग सकती है।
भाजपा के सूत्रों का तो यहां तक दावा है कि बुधवार को दिल्ली में इस मसले पर बैठक होनी है और जल्द ही सरकार गठन के संबंध में कुछ फैसला हो सकता है। पीडीपी के सूत्रों ने भी इस बात की पुष्टि की है कि महबूबा इस वक्त दिल्ली में हैं।
एजेंडा आफ एलायंस स्वयं में विश्वास बहाली का कदमः निर्मल सिंह
पूर्व डिप्टी सीएम तथा भाजपा विधायक दल के नेता डा. निर्मल सिंह ने कहा है कि गठबंधन के दोनों सहयोगियों की ओर से सरकार बनाने के लिए कोई नई शर्त नहीं रखी गई है। उन्होंने विश्वास जताया कि जल्द ही सियासी गतिरोध दूर करने के लिए पीडीपी की ओर से कदम उठाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि इस मसले पर पार्टी का स्टैंड बिल्कुल साफ है। पहल पीडीपी को करनी है। एजेंडा आफ एलायंस में सब कुछ साफ साफ लिखा हुआ है। यह हमारे लिए एक पवित्र दस्तावेज है और विश्वास बहाली का कदम है।
मीडिया के जरिये ही विश्वास बहाली जैसे मुद्दे सुनने को मिले हैं। उनकी ओर से इस बाबत कोई जानकारी नहीं दी गई है। दो महीने के कठिन परिश्रम के बाद एजेंडा आफ एलायंस तैयार किया गया है। इसमें सभी बातों का जिक्र है।
बेहतर गवर्नेंस के लिए यह दस्तावेज है। प्रधानमंत्री की ओर से घोषित 80 हजार करोड़ का पैकेज इसी का हिस्सा है। यह पूछे जाने पर कि सरकार न बनने से रियासत की जनता को दिक्कतें हो रही हैं तो उन्होंने कहा कि महबूबा को लोगों की दिक्कतों का अहसास है।