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वीके सिंह के बयान की बीजेपी विधायक ने की निंदा
ब्यूरो, अमर उजाला/राजोरी
Updated Wed, 04 May 2016 12:02 AM IST
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एमएलए नौशेरा रविंद्र रैना
- फोटो : FILE PHOTO
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केंद्रीय मंत्री वीके सिंह द्वारा अलगाववादियों और पाकिस्तानी नेताओं के बीच बातचीत होने के बयान को गलत ठहराते हुए विधायक नौशेरा ने बयानबाजी की कड़ी निंदा की है। मंगलवार को अपने राजोरी दौरे के दौरान एमएलए नौशेरा रविंद्र रैना पत्रकारों से रूबरू हुए और वीके सिंह के बयान को गलत करार दिया।
विधायक रैना ने वीके सिंह के बयान की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्री को इस प्रकार की बयानबाजी कर अलगाववादी नेताओं के हौसलों को बुलंद नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य में भाजपा, पीडीपी, कांग्रेस और नेकां जैसी सियासी पार्टियंा हैं और यदि पाकिस्तान के साथ किसी को कोई बात करनी चाहिए तो वह भारतीय संविधान को मानने वाली सियासी पार्टियों को हैं।
पाकिस्तान के साथ किसी भी मुद्दे पर बातचीत के लिए राज्य की गठबंधन सरकार और केंद्र की मोदी सरकार भी है। पाकिस्तान के साथ बातचीत कर उसकी जमीन से आतंकवाद को खत्म करने और दोनों देशों में संबंध सुधारने के लिए सरकार की बात करना ही सही है।
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वीके सिंह के इस तरह के बयानबाजी से कश्मीर घाटी के अलगाववादी नेताओं के हौसले और भी बुलंद होंगे और वह भारत के खिलाफ अपनी साजिशों को और अधिक बढ़ाएंगे।
रैना ने कहा कि राज्य में फारूक अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती, उमर अब्दुल्ला, डा. निर्मल सिंह, सज्जाद लौन, गुलाम नबी आजाद जैसे निर्वाचित प्रतिनिधि हैं और पाकिस्तान के साथ बातचीत में इन्हीं निर्वाचित प्रतिनिधियों की ही अहम भूमिका बनती है। ऐसे में अलगाववादी नेताओं को बात करने के लिए कहना खेदजनक है।
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विधायक रैना ने वीके सिंह के बयान की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्री को इस प्रकार की बयानबाजी कर अलगाववादी नेताओं के हौसलों को बुलंद नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य में भाजपा, पीडीपी, कांग्रेस और नेकां जैसी सियासी पार्टियंा हैं और यदि पाकिस्तान के साथ किसी को कोई बात करनी चाहिए तो वह भारतीय संविधान को मानने वाली सियासी पार्टियों को हैं।
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पाकिस्तान के साथ किसी भी मुद्दे पर बातचीत के लिए राज्य की गठबंधन सरकार और केंद्र की मोदी सरकार भी है। पाकिस्तान के साथ बातचीत कर उसकी जमीन से आतंकवाद को खत्म करने और दोनों देशों में संबंध सुधारने के लिए सरकार की बात करना ही सही है।
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वीके सिंह के इस तरह के बयानबाजी से कश्मीर घाटी के अलगाववादी नेताओं के हौसले और भी बुलंद होंगे और वह भारत के खिलाफ अपनी साजिशों को और अधिक बढ़ाएंगे।
रैना ने कहा कि राज्य में फारूक अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती, उमर अब्दुल्ला, डा. निर्मल सिंह, सज्जाद लौन, गुलाम नबी आजाद जैसे निर्वाचित प्रतिनिधि हैं और पाकिस्तान के साथ बातचीत में इन्हीं निर्वाचित प्रतिनिधियों की ही अहम भूमिका बनती है। ऐसे में अलगाववादी नेताओं को बात करने के लिए कहना खेदजनक है।