{"_id":"40b5553ab53d11f33a1b8d31fb0490b5","slug":"bit-relief-in-summer-after-rain-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जम्मू, श्रीनगर में तापमान चार डिग्री नीचे आया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जम्मू, श्रीनगर में तापमान चार डिग्री नीचे आया
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Sun, 21 Jun 2015 12:52 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झुलसा देने वाली गर्मी और शुक्रवार को 42 डिग्री सेल्सियस रहे तापमान में तंदूर की तरह तपे जम्मू के ग्रीष्मकालीन जोन के इलाकों को शनिवार तड़के आसमान से बरसी राहत की फुहारें राहत प्रदान कर गई। इससे प्रचंड गर्मी से बेहाल लोगों को तो राहत मिली ही, जम्मू के अलावा श्रीनगर में भी तापमान चार डिग्री नीचे आया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले चौबीस घंटों में भी रियासत के अधिकांश इलाकों में गरज चमक के साथ हलकी बारिश के आसार हैं।
विज्ञापन
जम्मू में शनिवार को दिन का अधिकतम तापमान 38.2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। न्यूनतम तापमान 29.5 डिग्री रहा, जबकि श्रीनगर में अधिकतम तापमान 28.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 15.9 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया है। लेह में अधिकतम तापमान 28.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 8.2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया है।
विज्ञापन
24, 25 जून को बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार जम्मू संभाग में अगले 24 घंटे में हलकी बारिश हो सकती है। 24 और 25 जून को भारी बारिश की संभावना है। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिल पाएगी।
विज्ञापन
प्यास बुझाने को कम पड़ने लगे जल स्रोत
रियासत की शीतकालीन राजधानी जम्मू में लोगों की प्यास बुझाने के लिए मौजूदा पेयजल जल के स्रोत (मुख्य रूप से तवी नदी) कम पड़ने लगे हैं। बिजली के अलावा पेयजल के भी बढ़ रहे शार्टफाल से भविष्य में बड़ी परेशानी खड़ी हो सकती है। आलम तो यह है कि मौजूदा समय में जम्मू शहर में तीन लाख गैलन से ज्यादा पेयजल की कमी पड़ रही है।
आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जम्मू शहर में पेयजल की जरूरतों को पूरा करने के लिए 46 मिलियन गैलन डेली (एमजीडी) की दरकार है, जबकि सरकार पीएचई विभाग के माध्यम से करीब 43 एमजीडी पानी ही उपलब्ध करवा पा रही है। पेयजल की लगातार बढ़ रही मांग को पूरा करने के लिए मौजूदा जल स्रोतों का और प्रयोग करना आसान नहीं है।
सरकार की ओर से जम्मू शहर में बढ़ रही जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए अगले पंद्रह से बीस साल की पेयजल की मांग को पूरा करने के लिए चिनाब पेयजल परियोजना तैयार की है। इस परियोजना को शुरू करने के लिए विश्व बैंक से लोन का आवेदन किया गया, लेकिन वहां से निराशा हाथ लगी। अब जापान इंटरनेशनल बैंक से लोन मंजूर करने का आग्रह किया गया है।
अगर वहां से लोन की मंजूरी मिलती है तो पेयजल की जरूरतों को पूरा किया जा सकेगा। अगर ऐसा नहीं हुआ तो फिर आने वाले सालों में पेयजल के लिए हाहाकार मचेगा। हालांकि पीएचई, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण मंत्री चौधरी सुखनंदन कुमार का कहना है कि पेयजल की आपूर्ति में सुधार लाने के लिए प्रयास शुरू कर दिए गए हैं।
निजी टैंकर मनमाने दाम वसूल करते
गर्मी के मौसम में बिजली की भारी कटौती के चलते पेयजल आपूर्ति पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। स्टेशनों पर पंपिंग पूरी तरह से बिजली पर निर्भर करती है। बिजली न रहने पर पंप काम नहीं करते और पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो जाती है। ऐसे में सरकारी टैंकर सीमित होने की वजह से लोगों को निजी टैंकरों का सहारा लेना पड़ता है। लोगों का आरोप है कि हालात को देखते हुए निजी टैंकर मनमाने दाम वसूल कर रहे हैं।