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Poonch Terror Attack: भाटादूड़ियां-नाड़ खास और तोता गली में बड़ा सर्च ऑपरेशन, दो हजार जवान और कमांडो लगाए
Sat, 29 Apr 2023 01:40 AM IST
विमल शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, पुंछ
अमर उजाला नेटवर्क, पुंछ
Published by: विमल शर्मा
Updated Sat, 29 Apr 2023 01:40 AM IST
सार
पुंछ जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर भाटादूड़ियां से बींबर गली के बीच के दस किलो मीटर के क्षेत्र में काफी घने जंगल हैं। जिनमें बड़े बड़े नाले और उनमें बड़ी बड़ी चट्टाने और उनके नीचे बने बड़े बड़े गड्ढे एवं प्राकृतिक गुफाएं मौजूद हैं। इनका फायदा आतंकी उठाते हैं।
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पुंछ में हमले के बाद तलाशी अभियान चलाते सेना के जवान
- फोटो : एजेंसी
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विस्तार
जिले के उपजिला मेंढर में पुंछ जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर सैन्य वाहन पर हुए आतंकी हमले के आठवें दिन वीरवार को भी भारी बारिश के बीच सुरक्षाबलों द्वारा दिन भर भाटादूड़ियां, नाढ़खास और तोता गली के जंगलों में दिन भर तलाशी अभियान जारी रहा। इस दौरान सुरक्षाबलों के दो हजार से अधिक जवान जिनमें सेना, पुलिस, एसओजी, सीआरपीएफ के साथ कमांडों भी शामिल थे। जवानों ने पूरे क्षेत्र में जोरदार बारिश के बावजूद दर्जन भर ड्रोन को भी जंगलों के ऊपर उड़ाया जाता रहा, ताकि कहीं जंगल के अंदर से कोई हरकत हो तो उसका पता चल सके।
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पुंछ में हमले के बाद तलाशी अभियान चलाते सेना के जवान
- फोटो : एजेंसी
गौरतलब है कि पुंछ जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर भाटादूड़ियां से बींबर गली के बीच के दस किलो मीटर के क्षेत्र में काफी घने जंगल हैं। जिनमें बड़े बड़े नाले और उनमें बड़ी बड़ी चट्टाने और उनके नीचे बने बड़े बड़े गड्ढे एवं प्राकृतिक गुफाएं मौजूद हैं। जिनका लाभ उठा कर आतंकियों ने वर्ष 2021 में सेना के तलाशी अभियान के दौरान घात लगा एक जेसीओ सहित चार जवानों को शहीद कर दिया था।
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राजोरी-पुंछ सेक्टर के दौरे पर उत्तरी कमान प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी
- फोटो : पीआरओ
उसके उपरांत एक महीने तक चले तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षाबलों द्वारा भारी मात्रा में गोलाबारी किए जाने के बाद भी क्षेत्र के जंगलों को पूरी तरह खंगाला नहीं जा सका था। उसी को देखते हुए इस बार भाटादूड़ियां आतंकी हमले के बाद से सुरक्षाबलों की तरफ से क्षेत्र जंगलों को पूरी तरह खंगालने का लक्ष्य लेकर अभियान चलाया जा रहा है, ताकि जंगलों के अंदर की पूरी स्थिति का सही प्रकार से पता लगाया जा सके, क्योंकि दो वर्ष पूर्व हुए आतंकी हमले के बाद सुरक्षाबलों को स्थानीय लोगों द्वारा जंगलों को काफी खतरनाक बताया गया था।
राजोरी पहुंचे डीजीपी दिलबाग सिंह
- फोटो : एएनआई
मार्गों पर नाकों को सक्रिय कर सुरक्षा ग्रिड करें मजबूत: डीजीपी
डीजीपी दिलबाग सिंह ने शुक्रवार को राजोरी जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों का दौरा किया और क्षेत्र के सुरक्षा परिदृश्य की समीक्षा की। डीजीपी ने अपने दौरे के दौरान जिले की मौजूदा सुरक्षा स्थिति, विशेष रूप से घुसपैठ के प्रयासों, नार्को व्यापार और सीमा पार से ड्रोन गतिविधियों का जायजा लिया। क्षेत्राधिकारियों से बातचीत करते हुए उन्होंने आतंकियों और उनके समर्थकों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विभिन्न मार्गों पर नाकों को सक्रिय कर सुरक्षा ग्रिड को मजबूत करने का निर्देश दिया।
पुंछ हाईवे पर तैनात सुरक्षाबल
- फोटो : संवाद
उन्होंने एक उचित एरिया डोमिनेशन प्लान तैयार करने और उसे क्रियान्वित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने राष्ट्र विरोधी गतिविधियों और घटनाओं को रोकने के लिए सीमाओं पर और भीतरी इलाकों में भी संदिग्ध आवाजाही की निगरानी के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग करने पर जोर दिया। डीजीपी ने हाल ही में हुई आतंकी घटना की गहन जांच पर जोर दिया, ताकि इसमें शामिल प्रत्येक व्यक्ति का पता लगाया जा सके।
पुंछ में हमले के बाद तलाशी अभियान चलाते सेना के जवान
- फोटो : पीटीआई
डीजीपी ने कहा कि आतंकवादी गतिविधियों को किसी भी प्रकार का समर्थन प्रदान करने वाले ओजीडब्ल्यू और सहयोगियों की पहचान की जा रही है। गतिविधियों में शामिल प्रत्येक व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि निसार की गिरफ्तारी से जांच को एक नई दिशा मिली है और अब तक महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं।पाकिस्तान और उसकी एजेंसियां आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए ड्रोन के जरिए हथियारों और गोला-बारूद की सप्लाई कर रही हैं।