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रूठ गए पश्चिमी विक्षोभ, प्रचंड गर्मी के लिए रहें तैयार
Updated Sun, 28 Feb 2016 10:49 AM IST
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इस सीजन गर्मी कई रिकार्ड तोड़ सकती है। अमूमन ठंडा रहने वाला फरवरी माह इस बार तपिश में गुजरा है। घाटी और जम्मू संभाग के सभी स्थानों पर दिन का पारा सामान्य से 5-11 डिग्री तक ऊपर चल रहा है।
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पहाड़ों पर बर्फ लगातार पिघल रही है, जिससे आगामी दिनों में जल संकट हो सकता है। हालांकि, मार्च माह के मौसम पर अभी उम्मीदें टिकी हैं। इस बीच शनिवार को न्यूनतम माइनस 8.4 डिग्री सेल्सियस पारे के साथ लेह सबसे सर्द रहा।
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रियासत की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में सन 1940 के बाद दिन के पारे ने 20.6 डिग्री सेल्सियस पर पहुंचकर 76 साल पुराने रिकार्ड की बराबरी की थी। उसके बाद से श्रीनगर का दिन का तापमान लगातार सामान्य से 10-11 डिग्री ऊपर चल रहा है।
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पहाड़ों पर जमी बर्फ तेजी से पिघल रही, ग्लेशियरों पर असर
मौसम विशेषज्ञ यशपाल शर्मा के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ का लगातार न बनना चिंता का विषय है। तापमान में लगातार बढ़ोतरी से पहाड़ों पर जमी बर्फ लगातार पिघल रही है। इसका असर ग्लेश्यिरों पर भी पड़ रहा है।
मैदानी इलाके में बर्फबारी के लिए पहाड़ों पर तापमान 0 से 1 डिग्री के बीच होना जरूरी है। मौजूदा समय में लगातार 3-4 दिन की बारिश के बाद ही ऐसे हालात बनेंगे। मार्च माह में अगर पश्चिमी विक्षोभ नहीं गुजरता है तो तापमान में लगातार उछाल आएगा।
मौसम विभाग के अनुसार दो मार्च से जम्मू और कश्मीर संभाग के कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है। शनिवार को भी तपिश से कोई राहत नहीं मिल पाई।
मैदानी इलाके में बर्फबारी के लिए पहाड़ों पर तापमान 0 से 1 डिग्री के बीच होना जरूरी है। मौजूदा समय में लगातार 3-4 दिन की बारिश के बाद ही ऐसे हालात बनेंगे। मार्च माह में अगर पश्चिमी विक्षोभ नहीं गुजरता है तो तापमान में लगातार उछाल आएगा।
मौसम विभाग के अनुसार दो मार्च से जम्मू और कश्मीर संभाग के कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है। शनिवार को भी तपिश से कोई राहत नहीं मिल पाई।