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आवाम की आवाज: नवरात्रि के पर्व पर समानता के प्रति संकल्पित हों, ये नारी सशक्तिकरण के जश्न का भी अवसर- LG
Sun, 15 Oct 2023 05:00 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Sun, 15 Oct 2023 05:00 PM IST
सार
एलजी मनोज सिन्हा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण और लैंगिक समानता के लिए समर्पित है। महिला उद्यमिता के लिए सक्षम वातावरण बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। 'हौसला ' एक ऐसी पहल है, जो महिला उद्यमियों को आगे बढ़ने और उत्कृष्टता हासिल करने में मदद कर रही है।
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LG Manoj Sinha
- फोटो : पीआईबी
विस्तार
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा मनोज सिन्हा ने लोगों को नवरात्रि की पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व नारी सशक्तिकरण के जश्न का भी अवसर है। इस त्योहार को मनाते हुए हमें लैंगिक समानता के प्रति संकल्पित होना चाहिए। उपराज्यपाल ने रेडियो कार्यक्रम आवाम की आवाज को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं।
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एलजी मनोज सिन्हा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण और लैंगिक समानता के लिए समर्पित है। महिला उद्यमिता के लिए सक्षम वातावरण बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। 'हौसला ' एक ऐसी पहल है, जो महिला उद्यमियों को आगे बढ़ने और उत्कृष्टता हासिल करने में मदद कर रही है। इस बार के कार्यक्रम में उपराज्यपाल ने इस योजना के जरिये नई बुलंदियों को छूने वाली महिलाओं की चर्चा कीं।
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उपराज्यपाल ने कार्यक्रम में ये भी बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने सहकारी समितियों के माध्यम से देश का सबसे बड़ा अन्न स्टोरेज निर्मित करने का लक्ष्य रखा है। जम्मू कश्मीर में पायलट प्रोजेक्ट के आधार पर कठुआ में 16 कनाल भूमि पर यहां पहला स्टोरेज तैयार किया जा रहा है। आने वाले दिनों ऐसे और भी कार्य किए जाएंगे।
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एलजी ने बताया कि महिला उद्यमी राबिया रसूल 'कालीन' नाम से उद्यम चला रही हैं। वह कालीनों की पारंपरिक अर्दबील शैली को भी पुनर्जीवित कर रही हैं। उनकी कंपनी से 300 से अधिक कारीगर जुड़े हैं। इससे वह देश और विदेश में अपनी पहचान बना रही हैं।
जम्मू की संचिता प्रधान खजुरिया सभी महिलाओं के लिए प्रेरणा और उत्साह का स्रोत बन रही हैं। अपनी कंपनी 'शिल्पकारी बाजार बिजनेस' के माध्यम से बसोहली और बीना कला को बढ़ावा दे रही हैं। इन्हें ट्रे, आभूषण और साड़ियों पर उकेरा जा रहा है। इससे वे प्रदेश की सांस्कृतिक और कलात्मक विरासत को मजबूत बना रही है। वहीं, मानसी गुप्ता अपनी कंपनी एमजी डिजाइन स्टूडियो से सांबा की केलिको पेंटिंग कला को पुनर्जीवित करने के लिए प्रयास कर रही हैं।
हौसला परियोजना ने जरीफा हामिद को ई-कॉमर्स बाजार का मूल्य सीखने में मदद की। पश्मीना शॉल बनाने वाली उनकी कंपनी मिसल एम्ब्रायडरी के पास अब विदेश से ग्राहक जुड़ रहे हैं। जीनत मुश्ताक जम्मू-कश्मीर के व्यापार पारिस्थितिकी तंत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। अब उनका लक्ष्य राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों में भाग लेना है ताकि उन्होंने जो विपणन अनुभव और व्यावसायिक मूल्य प्राप्त किए हैं, उन्हें अगली पीढ़ी को प्रदान किया जा सके।
जम्मू के सीमावर्ती क्षेत्र आरएस पुरा की संयुक्ता भगत ने ऑनलाइन से हौसला कोर्स में शामिल हुईं। आज उनकी कंपनी अन्नया करिएशन अपनी पहचान बना रही है। वहीं, शिवानी शर्मा ने हौसला के माध्यम से व्यावसायिक प्रशिक्षण विचारों को आगे बढ़ाया। अब अपने प्री-स्कूल के संचालन को डिजिटल रूप से प्रबंधित करती हैं।
उधमपुर के ब्लॉक घोरड़ी से खुशी क्लस्टर फेडरेशन ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर पाइन हस्तशिल्प के लॉन्च के साथ वैश्विक स्तर पर जाने की योजना बनाई है। वह 35 सेल्फ हेल्प ग्रुप के साथ चीर दस्तकारी में आगे बढ़ रहे हैं। इससे उधमपुर के कारीगरों, शिल्पकारों और छोटे उद्यमों के उत्पादों के लिए बेहतर पारिश्रमिक विपणन संबंध सुनिश्चित होंगे।
जम्मू से अर्नब खजुरिया, राजोरी से मोहम्मद असलम और सांबा से अभिनव भट्टी ने खादी को बढ़ावा देने के लिए कदम सुझाए। जम्मू से रिदम शर्मा ने स्ट्रीट वेंडरों के सशक्तिकरण और मुख्यधारा में लाने के बारे में कुछ सुझाव साझा किए।