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Article 370: जम्मू-कश्मीर में नई औद्योगिक नीति से रफ्तार, तीन साल में इतना हुआ निवेश; ये है बड़ी चुनौती

Mon, 05 Aug 2024 12:23 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला ब्यूरो, जम्मू
अमर उजाला ब्यूरो, जम्मू Published by: अनुज कुमार Updated Mon, 05 Aug 2024 12:23 PM IST
सार

जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 के हटने के बाद निवेशकों ने राज्य में रूचि दिखाई है। नई औद्योगिक नीति से उद्योग क्षेत्र को नए पंख लगे हैं। पिछले तीन साल में करोड़ों रुपये के निवेश प्रस्ताव आ चुका है। निवेशकों ने कश्मीर संभाग में 72 प्रतिशत तक रुचि दिखाई है।
 

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Article 370 New industrial policy in Jammu and Kashmir has gained momentum
कश्मीर का लाल चौक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जम्मू-कश्मीर के लिए लाई गई केंद्र प्रायोजित नई औद्योगिक नीति से उद्योग क्षेत्र को नए पंख लगे हैं। पिछले तीन साल में प्रदेश में उद्योग लगाने के लिए देश-विदेश से एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव आ चुके हैं। निवेश के लिए निवेशकों ने कश्मीर संभाग में 72 प्रतिशत तक आवेदन में रुचि दिखाई है।

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केंद्र शासित प्रदेश में औद्योगिक क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए अप्रैल 2021 में नई औद्योगिक नीति लाई गई। इसमें 28400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया। दावा है कि 2021 में ही 779 निवेश प्रस्तावों को मंजूरी देकर निवेश को जमीन में उतारने की पहल की गई। आवेदनों की बात करें तो अब तक निवेश के लिए 6900 से अधिक आवेदन आ चुके हैं। इनमें 5000 से अधिक कश्मीर के लिए आए हैं। अब तक एक लाख 23 हजार से अधिक के निवेश प्रस्तावों में 81000 से अधिक जम्मू संभाग और 41000 से अधिक कश्मीर संभाग के लिए आए हैं।
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जम्मू संभाग में कठुआ के बागथली क्षेत्र को औद्योगिक हब बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। यहां देश-विदेश की कई कंपनियां 200 से अधिक कनाल भूमि पर औद्योगिक इकाइयां लगा रही हैं। अगर जमीनी स्तर पर निवेश को उतारने में प्रशासन सफल होता है तो प्रदेश में औद्योगिक क्षेत्र में 4 लाख 69 हजार से अधिक रोजगार पैदा होंगे। इसमें 2 लाख 17 हजार से अधिक जम्मू संभाग और 2 लाख 51 हजार से अधिक कश्मीर संभाग में प्रस्तावित हैं। केंद्रीय बजट का प्रावधान खत्म होने पर निवेशकों के लिए पंजीकरण पोर्टल को बंद करना पड़ा है। हालांकि इसे आगामी सितंबर में बंद किया जाना था।
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औद्योगिक भूमि की कमी बड़ी चुनौती
1. प्रदेश में 68 हजार से अधिक कनाल औद्योगिक भूमि की मांग।
2. जम्मू संभाग में 39 हजार से अधिक और कश्मीर संभाग में 29 हजार कनाल से अधिक भूमि चाहिए।

पहल
1. सूख चुके जल निकायों को गैर मुमकिन खड्ड श्रेणी से अलग करके औद्योगिक क्षेत्र में शामिल करने की तैयारी।
2. कई औद्योगिक संपदाओं में सालों से बंद पड़ी औद्योगिक इकाइयों की भूमि वापस ली जा रही है।
3. प्रदेश में दो हजार से अधिक कनाल राज्य और शामलात भूमि को उद्योग एवं वाणिज्य विभाग को हस्तांतरित किया है।
4. जम्मू-कश्मीर निजी औद्योगिक संपदा विकास नीति की गाइडलाइन जल्द जारी होगी।

ये भी
1. 18185 करोड़ के निवेश प्रस्ताव, 46857 रोजगार के साथ पिछले वित्त वर्ष में 889 इकाइयों के कार्य शुरू करने का दावा।
2. 2021 से अब तक 8050 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्राप्त हुआ।
3. नई औद्योगिक नीति से जम्मू-कश्मीर में 500 करोड़ रुपये से अधिक की निवेश इकाइयां स्थापित।
4. एकल खिड़की पोर्टल के माध्यम से 185 सेवाएं ऑनलाइन, 18 से अधिक विभाग शामिल।
5. वर्तमान में विकास के अधीन 46 नए औद्योगिक एस्टेट में 18,888 कनाल भूमि।
6. एनसीएसएस के तहत प्राप्त 1496 आवेदनों में से 916 अनुमोदित

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