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POK के कैंपों में 1150 आतंकी ले रहे हैं आतंक की ट्रेनिंग: जीओसी

Wed, 23 Sep 2015 10:07 AM IST
Updated Wed, 23 Sep 2015 10:07 AM IST
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around 1150 terrorists in training camps in PoK: army

पाकिस्तान कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) और पाकिस्तान में लगभग 1150 आतंकी विभिन्न ट्रेनिंग कैंपों में प्रशिक्षण ले रहे हैं। 15 कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल सतीश दुआ ने बताया कि नियंत्रण रेखा के उस पार स्थित लांचिंग पैड पर लगभग 325 आतंकी घुसपैठ की फिराक में समय का इंतजार कर रहे हैं।

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मंगलवार को पत्रकारों से बात करते हुए दुआ ने कहा कि खुफिया रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान और पीओके में कुल 17 ट्रेनिंग कैंप सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। इनमें से नौ कैंप 15 कोर के क्षेत्र में पड़ने वाली एलओसी के उस पार हैं। इसके अलावा चार-चार मनशेरा और मुजफ्फराबाद में हैं। इनमें आतंकियों की कुल संख्या 1100 से 1150 है।
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लेफ्टिनेंट जनरल दुआ के अनुसार पीओके में एलओसी से सटे क्षेत्र में कुल 23 लांचिंग पैड हैं, जिनमें 315-325 आतंकी घुसपैठ के इंतजार में बैठे हैं। लांचिंग पैड में आतंकियों की संख्या में वृद्धि का कारण लंबे समय से उन्हें घुसपैठ के अवसर न मिलना है।
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जब भी उन्होंने घुसपैठ का प्रयास किया है, भारतीय सेना ने उसे नाकाम कर दिया है। आतंकियों में निराशा है, क्योंकि उनके आका चाहते हैं कि वह किसी भी तरह आतंकी गतिविधियों को अंजाम दें। इसी दबाव के कारण वह कई बार घुसपैठ कर लेते हैं। उनका टारगेट किसी तरह सेना या सिविलियन को निशाना बनाना होता है।

बर्फ पड़ने से एलओसी पर घुसपैठ की कोश‌िश

around 1150 terrorists in training camps in PoK: army

आतंकी संगठनों के प्रमुख ठंड का सीजन आने से पहले आतंकियों की घुसपैठ करवाना चाहते हैं, क्योंकि बर्फ पड़ने से एलओसी के तमाम रास्ते बंद हो जाते हैं। जीओसी ने कहा कि इसमें कोई नई बात नहीं है।

गर्मियों में जब बर्फ पिघलने के बाद रास्ते खुलते हैं तो घुसपैठ के प्रयास भी बढ़ते हैं। लेकिन सेना ने घुसपैठ को रोकने के लिए बहुस्तरीय इंतजाम किए हैं। इसी कारण उन्हें इस बार कामयाबी नहीं मिल पा रही है।
आतंकी संगठनों में युवाओं की भर्ती के संबंध में दुआ ने कहा कि कुछ भर्तियों की सूचना है और सेना इसे लेकर काफी सतर्क है।

इस क्रम में कुछ युवाओं की मौत हुई है और कुछ ने वापसी भी की है। हिजबुल मुजाहिदीन कमांडर बुरहान वानी द्वारा इस क्रम में सोशल मीडिया का उपयोग किए जाने के संबंध में जीओसी ने कहा कि सिर्फ हेडलाइन में बने रहने के लिए ऐसा किया जा रहा है।

चार आतंकियों, एक पूर्व आतंकी और उसके तीन साल के बेटे की मौत के संबंध में जीओसी ने कहा कि कुछ आतंकी संगठन अपने साथ असहमति या विद्रोह को पचा नहीं पा रहे। पट्टन में उन्होंने तीन साल के मासूम को भी नहीं बख्शा। हिज्ब कमांडर फैयाज अहमद भट की मौत पर उन्होंने कहा कि उसे सेना ने नहीं मारा। यदि वह मुठभेड़ में मारा जाता तो सेना उसका दावा करती।

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