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अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा कमान सेना के हाथ में
डॉ. बृजेश कुमार सिंह/अमर उजाला, जम्मू
Updated Mon, 15 Jun 2015 12:13 PM IST
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श्रीनगर के बादामी बाग स्थित सेना मुख्यालय में शनिवार को हुई कोर ग्रुप की बैठक में अमरनाथ यात्रा संपन्न होने तक आंतरिक सुरक्षा की कमान भी सेना को सौंपने का फैसला किया गया। हालांकि, बैठक के इस फैसले की न ही सेना और न ही पुलिस की ओर से पुष्टि की गई है। पर सेना में उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक हाल ही में कश्मीर के अलग-अलग इलाकों में मोबाइल संचालकों और टावरों पर हमले होने के अलावा सुरक्षा बलों एवं आम नागरिकों पर लगातार हो रहे हमलों के मद्देनजर सेना को सुरक्षा की कमान सौंपी गई है।
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सुरक्षा एवं खुफिया एजेंसियों के मुताबिक कश्मीर घाटी में विभिन्न आतंकी संगठनों के करीब 200 आतंकी सक्रिय हैं। इसके अलावा दक्षिण और उत्तरी कश्मीर में लश्कर और हिजबुल द्वारा युवाओं की भर्ती किए जाने की पुख्ता सूचनाओं ने भी सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। माना जा रहा है कि आतंकी संगठन अमरनाथ यात्रा के दौरान हमलों में तेजी लाने की साजिश कर रहे हैं ताकि यात्रा को प्रभावित किया जा सके।
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इसके चलते कोर ग्रुप की बैठक में सेना के नेतृत्व में कश्मीर घाटी भर में सक्रिय आतंकियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने का फैसला किया गया। बैठक का सह नेतृत्व कर रहे सेना की 15वीं कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल सुब्रत साहा और पुलिस महानिदेशक के राजेंद्रा ने सभी एजेंसियों को इंटेलिजेंस इनपुट एवं अहम सूचनाओं को तत्काल साझा करने के निर्देश भी जारी किए ताकि आतंकी मंसूबों को नाकाम बनाया जा सके।
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अलगाववादी तत्वाें द्वारा अमरनाथ यात्रा के दौरान पत्थरबाजों की मदद से उपद्रव और पथराव की घटनाओं को अंजाम दिलवाने की भी आशंका है। पुलिस के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक इसके चलते ऐसे तत्वों पर शिकंजा कसने के लिए सेना, पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों के संयुक्त दस्ते बनाने का भी फैसला लिया गया।
यात्रा मार्ग पर सुरक्षा बलों की तैनाती शुरू
अमरनाथ यात्रा मार्गों पर सुरक्षा बलों की तैनाती शुरू हो गई है। बेस कैंप पहलगाम एवं बालटाल के साथ ही हाईवे और श्रीनगर-बालटाल मार्गों पर सुरक्षा बलों ने निगरानी शुरू कर दी है। यात्रा मार्ग पर थ्री लेयर तथा फोर लेयर सुरक्षा प्रबंध रहेंगे। इसके साथ ही कहां कितने सुरक्षा बल लगाने हैं, इसका खाका भी खींच लिया गया है। थ्री लेयर सुरक्षा में पहले जम्मू-कश्मीर पुलिस होगी, फिर अर्द्धसैनिक बल और सेना। अति संवेदनशील स्थानों पर जहां पथराव तथा अन्य गड़बड़ी की आशंका है वहां फोर लेयर सुरक्षा प्रबंध होंगे। यहां संयुक्त टीमें रहेंगी, जो कैसे भी हालात से निपटनें में सक्षम होंगी।