फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Army sources: An encounter between security forces and terrorists in Baramulla, kashmir latest news

जम्मू-कश्मीरः आतंकियों से मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने मार गिराया एक आतंकी, एसपीओ शहीद

Wed, 21 Aug 2019 10:51 AM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Wed, 21 Aug 2019 10:51 AM IST
विज्ञापन
Army sources: An encounter between security forces and terrorists in Baramulla, kashmir latest news
भारतीय सेना - फोटो : फाइल

जम्मू-कश्मीर के बारामुला में मंगलवार रात सुरक्षाबलों ने आतंकियों की मौजूदगी की सूचना पर इलाके की घेराबंदी की। आतंकियों ने खुद को घिरा हुआ देख सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी। जिसके बाद दोनों तरफ से गोलीबारी शुरू हुई। न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने एक आतंकवादी को मार गिराया, जबकि मुठभेड़ में एक विशेष पुलिस अधिकारी (SPO) शहीद हो गया।

विज्ञापन


यह भी पढ़ेंः तस्वीरेंः यह वो हाथ हैं जो मिट्टी को छू लें तो भगवान बना दें, इनकी कारीगरी के कायल हुए लोग
विज्ञापन


आतंकियों के छिपे होने की सूचना पर सेना, सीआरपीएफ और एसओजी की संयुक्त टीम ने इलाके में घेराबंदी की। बीते दिनों जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटने के बाद से पिछले एक पखवाड़े के दौरान सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकियों पर बेहद सख्त शिकंजा कसा है। इस दौरान आतंकवादी घटनाएं बिल्कुल बंद थीं, न तो कोई आतंकी हमला हुआ और न ही कोई एनकाउंटर।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह भी पढ़ेंः अटल किस्साः जब भारत माता की जय कहने पर अब्दुल्ला को दिखाए गए जूते, दिल को छू लेने वाला फारूक का जवाब


दरअसल, सुरक्षाबलों के भारी दवाब के चलते आतंकी तथा उनके मददगार ओवर ग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) मांद में छिप गए हैं। सुरक्षाबलों ने ऐसी रणनीति बनाई है कि आम लोगों के साथ उसका संपर्क ही न होने पाए। इसके चलते पथराव की घटनाएं भी कम हुई हैं। 

यह भी पढ़ेंः जम्मू-कश्मीर में अफवाह फैलाने वाला निकला ‘डॉन’, लोगों से बोला- जंग हो जाएगी, फिर ऐसे हो गए थे हालात

सुरक्षा एजेंसियों के पास मौजूद इनपुट के अनुसार, घाटी में फिलहाल 300 आतंकी सक्रिय हैं। ओजीडब्ल्यू की संख्या छह हजार से अधिक है। यह ओजीडब्ल्यू ही आतंकियों को मदद पहुंचाने के साथ घाटी में हिंसा तथा पत्थरबाजी को भी बढ़ावा देते हैं।

यह भी पढ़ेंः जम्मू-कश्मीर में पाबंदियां खत्म होने दीजिए असलियत का पता चलेगा: अकबर लोन

इनकी गतिविधियों पर सुरक्षाबलों की पैनी निगाह होने की वजह से यह गड़बड़ी नहीं फैला सके। बताते हैं कि सुरक्षाबलों के दबाव के चलते आतंकियों का मूवमेंट बिल्कुल बंद हो गया है। गांव छोड़कर ये सुरक्षित ठिकाने की ओर चले गए हैं। कई ओजीडब्ल्यू तो घाटी से बाहर भी निकल गए हैं।

यह भी पढ़ेंः तस्वीरेंः चार युवक तवी नदी में डूबे, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, सेना का शौर्य देख लोगों ने लगाए नारे

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed