कश्मीर में आए दिन विरोध झेल रही सेना बन रही है लोगों की मददगार
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कश्मीर घाटी में आए दिन सेना को स्थानीय लोगों का विरोध झेलना पड़ता है और उन्हें नफरत की निगाहों से देखा जाता है। इसके बावजूद सेना स्थानीय लोगों की सहायता करने में कोई कमी नहीं छोड़ती। कभी लोगों के लिए फ्री मेडिकल कैंप लगाए जाते हैं तो कभी महिलाओं को सिलाई सेंटर में प्रशिक्षण दिया जाता है।
इसके अलावा भी अन्य कई प्रोग्राम सेना की ओर से आयोजित करवाए जाते हैं ताकि लोगों की मदद के अलावा अवाम और जवान के बीच की दूरी को कम किया जा सके।इसी उद्देश्य के साथ सेना द्वारा वीरवार को दक्षिणी कश्मीर के अवंतीपोरा में पढे लिखे युवाओं को नौकरियां प्रदान करने के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया।
सेना के एक अधिकारी ने बताया कि यह प्रोग्राम उड़ान प्रोजेक्ट के अंतर्गत टाटा कंसलटेंसी सर्विसेस (टीसीएस) द्वारा सेना के सहयोग से आयोजित किया गया था। इसमें काफी संख्या में युवा कश्मीर के पुलवामा, बडगाम, अनंतनाग, शोपियां, गांदरबल और कुलगाम जिले से भाग लेने पहुंचे थे।
आईटी, मार्केटिंग आदि के क्षेत्र में विभिन्न कंपनियों में नौकरियां दी जाएंगी
इनमें से करीब 70 से अधिक ग्रेजुएट युवाओं का टीसीएस के प्रतिनिधियों द्वारा टेलीफोनिक इंटरव्यू लिया गया। उन्होंने बताया कि जो भी युवा यह इंटरव्यू क्लियर करेंगे उन्हें टीसीएस द्वारा कोलकाता में ट्रेनिंग देने के बाद देश की आईटी, मार्केटिंग आदि के क्षेत्र में विभिन्न कंपनियों में नौकरियां दी जाएंगी। ट्रेनिंग के दौरान पहले साल प्रति माह 15000 रुपये स्टाइपेंड भी मिलेंगे।
गौरतलब है कि इससे पहले भी टीसीएस ने सेना के सहयोग से उड़ान प्रोजेक्ट के अंतर्गत घाटी में कई प्रोग्राम आयोजित करवाए हैं और उनमें चयनित युवा वर्तमान में कोलकाता में ट्रेनिंग कर रहे है। प्रोग्राम में भाग लेने पहुंचे युवाओं द्वारा सेना के इस कदम की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे प्रोग्राम आयोजित करने की अपील की गई।