LOC पर सेना ने नष्ट की 22 बारूदी सुरंगें
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीमावर्ती क्षेत्रों में बसे लोगों को माइन विस्फोट से होने वाले हादसों से बचाने के मकसद से सेना द्वारा विशेष माइन हटाओ अभियान के दौरान 22 माइनों को बरामद कर नष्ट कर दिया गया। गौरतलब है कि इसी क्षेत्र में दो हफ्ते पहले माइन ब्लास्ट में तीन मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई थी।
जानकारी के अनुसार जिले की नौशेरा तहसील के एलओसी के पास बसे सरिया गांव में सेना की 88 इंजीनियरिंग यूनिट द्वारा मंगलवार को सरिया क्षेत्र में विशेष माइन हटाओ अभियान चलाया गया। करीब दस घंटे तक चले इस विशेष अभियान के दौरान सेना ने पूरे क्षेत्र के चप्पे-चप्पे को खंगाल डाला।
इसी दौरान सेना ने क्षेत्र से 22 माइनों को बरामद कर उन्हें नष्ट कर दिया। सेना के अनुसार सरिया क्षेत्र अब बिलुकल माइन मुक्त हो गया है। जानकारी के अनुसार वर्ष 1999 में भारत-पाक कारगिल युद्ध के दौरान ही नौशेरा तहसील के एलओसी से सटे सभी क्षेत्रों में सेना द्वारा माइनें बिछाई गई थीं।।
सेना ने क्यों चलाया विशेष अभियान?
कारगिल युद्ध के दौरान पाकिस्तान द्वारा नौशेरा सेक्टर से घुसपैठ के प्रयासों पर अंकुश लगाने के मकसद से सेना ने माइन बिछाई थी कारगिल युद्ध खत्म होने के बाद किसी ने भी माइनों को निकालने व उन्हें नष्ट करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया था। इसलिए इन क्षेत्रों में पिछले 15 वर्षों में माइन हादसों में दजनों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, जबकि कई अपाहिज हो चुके हैं।
वहीं, एलओसी के इन क्षेत्रों में सैकड़ों की संख्या में पशु भी माइन हादसों में मारे जा चुके हैं। करीब दो हफ्ते पहले सरिया क्षेत्र में माइन विस्फोट में तीन मजदूरों की दर्दनाक मौत होने व एक मजदूर के घायल होने का मामला सामने आया था।
मजदूरों की मौत के बाद सरिया गांव के लोगों ने सेना व पुलिस तथा सिविल प्रशासन के प्रति कड़ा रोष प्रकट करते हुए क्षेत्र को माइन मुक्त बनाने की गुहार लगाई गई थी। इसलिए सेना ने अब क्षेत्र को माइन मुक्त बनाने के मकसद से विशेष अभियान छेड़ा था।