कश्मीर से सेना हटाने पर उमर अब्दुल्ला का बड़ा बयान
सेना को रियासत से रातोंरात नहीं हटाया जा सकता। यह कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का। उमर ने सोमवार को साफ कहा कि जिस तरह के रियासत में हालात हैं, ऐसे में सेना को तुरंत हटाना संभव नहीं। हालांकि, उन्होंने कहा कि सेना की भूमिका को कम किया जा सकता है।
उमर ने कहा कि आज सेना के तीन जवान मारे गए हैं। अगर ऐसे हालात में यह कहा जाए कि रियासत में सेना की कोई भूमिका नहीं है तो यह बहुत बड़ी नाइंसाफी होगी।
इसलिए सेना की भूमिका तो कम की जा सकती है, पर सेना को रातोंरात हटाया नहीं जा सकता। उल्लेखनीय है कि उमर मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद के सेना की भूमिका के संबंध में दिए गए बयान पर टिप्पणी कर रहे थे।
मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहममद सईद ने किए थे कई दावे
मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहममद सईद ने बयान में दावा किया था कि रियासत के हालात में स्पष्ट तौर पर बदलाव हुआ, हालात जमीनी स्तर पर सुधरे हैं और रियासत के आंतरिक मामलों में सेना की भूमिका बड़े पैमाने पर घटी है।
नेशनल कांफ्रेंस के कार्यकारी अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला का कहना है कि बतौर मुख्यमंत्री उनके कार्यकाल के दौरान उन्होंने रियासत से सशस्त्र बल विशेष अधिकार अधिनियम (अफस्पा) हटाए जाने की मांग की थी।
पर उस दौरान मुफ्ती मोहम्मद सईद द्वारा इस मुद्दे को नहीं उठाया गया था। उन्होंने कहा कि उस दौरान महबूबा मुफ्ती ने बयान दिया था कि सेना को गलत नहीं ठहराया जा सकता।