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कश्मीर लाइव, सेब के हजारों बगीचे तबाह हो गए

Sun, 05 Oct 2014 06:58 PM IST
Updated Sun, 05 Oct 2014 06:58 PM IST
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apple crop destroyed in kashmir flood

सैलाब गुजर गया लेकिन कश्मीर की अर्थव्यवस्था को गहरा घाव दे गया। सेब और बाबूगोसा (नाशपाती) का व्यापार कश्मीर की अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा रहा है लेकिन इस बार सकल घरेलू उत्पाद में इसका योगदान अस्सी फीसदी कम हो गया।

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जब बाढ़ आई तो बगीचों में सेब की फसल लहलहा रही थी। सेब के पौधे की ऊंचाई कम होती है। इस कारण अधिकांश बगीचे पानी में डूब गए। फल जमीन पर गिर गए और कुछ पानी की तेज धार में साथ बह गए।
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पहले कश्मीर के विभिन्न इलाकों से हर रोज लगभग एक हजार ट्रक सेब बाहर भेजा जाता था लेकिन सैलाब के बाद बमुश्किल सौ ट्रक ही शोपियां और आसपास के इलाकों से बाहर जा रहे हैं।

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दस रुपए किलो बिक रहा सेब

apple crop destroyed in kashmir flood

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला भी इस नुकसान को शिद्दत से महसूस करते हैं। उन्होंने ‘अमर उजाला’ से कहा कि सेब और बाबूगोसा को तोड़ने के वक्त ही सैलाब आया। इसलिए नुकसान ज्यादा हुआ। बगीचे में किसानों ने पूरी मेहनत की, जिस पर पानी फिर गया। सरकार किसानों को मुआवजा देने पर विचार कर रही है। धान और मक्के के मुआवजे के साथ सेब और नाशपाती किसानों की समस्या पर भी विचार हो रहा है।

शोपियां की सेब मंडी में इस बार अच्छी क्वालिटी के सेब हैं लेकिन अनंतनाग, पुलवामा, सोपोर, बांडीपोरा और श्रीनगर के बाहरी हिस्से के सेब बगीचे पूरी तरह तबाह हो गए। अब श्रीनगर में भी शोपियां से ही सेब आ रहा है। पेड़ से टूटकर गिरे सेब की कीमत शोपियां में भी घट गई है। यह खुले बाजार राजोरी तक महज दस रुपये किलो बिक रहा है।

ज्यादा दिन नहीं चलेगा बाबूगोसा

apple crop destroyed in kashmir flood

बाबूगोसा को ज्यादा दिन रखा नहीं जा सकता। यह जल्द खराब हो जाता है। शोपियां की मंडी के सेब व्यापारी असगर कहते हैं अच्छी क्वालिटी के सेब की मांग अधिक है और इसकी आपूर्ति अकेले शोपियां नहीं कर सकता।

हिलाल अहमद ने कुछ व्यापारियों से दो माह पहले एडवांस ले लिया था। अब व्यापारी पैसे वापस मांग रहे हैं। अनंतनाग में सेब किसानों ने व्यापारियों से लाखों रुपये एडवांस दिए थे।

सेब किसान अब्दुल मजीद कहते हैं कि इस खेती में पौधों को बच्चे की तरह पालना पड़ता है, जिसमें अच्छी खासी पूंजी लगती है। अब पूंजी भी गई और जब आमदनी का सीजन आया तो हाथ खाली है।

पांच हजार करोड़ के व्यापार पर फिरा पानी

apple crop destroyed in kashmir flood

इस बार अच्छी बर्फबारी से सेब का उत्पादन बढ़ने की उम्मीद की जा रही थी। चार हजार करोड़ का यह व्यापार इस बार पांच हजार करोड़ तक पहुंचा सकता था लेकिन सैलाब इस पर पानी फेर गया। ड्राई फ्रूट का भी इसी तरह नुकसान हुआ है।

बैंक का कर्ज कैसे चुकता होगा
श्रीनगर के बाहरी हिस्से में पंपोर के पास मोहमम्द शमी के सेब बगीचे में पेड़ पर एक भी दाना नहीं बचा है। उन्होंने फसल के लिए बैंक से कर्ज भी लिया था। अब आमदनी शून्य है और ऋण अदायगी का बोझ अलग से परेशान कर रहा है।

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