{"_id":"5d7d4de98ebc3e015a2224af","slug":"aparajita-100-million-smiles-painting-competition-program-in-jammu-jammu-city-news-jmu1931840170","type":"story","status":"publish","title_hn":"अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स : बेटा और बेटी के संतुलन को पेंटिंग से किया बयां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स : बेटा और बेटी के संतुलन को पेंटिंग से किया बयां
विज्ञापन
अपराजीता ........ बलुमींग ङेल सकुल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू। अमर उजाला की अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स मुहिम के तहत ब्लू्मिंग डेल पब्लिक हाई स्कूल नानक नगर में पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें छात्राओं ने पेंसिल और रंगों से चित्रकारी करते हुए महिला सशक्तीकरण का संदेश दिया। इसके जरिये छात्राओं ने बेटी की गर्भ में हत्या का विरोध किया।
उन्होंने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और साथ ही बेटा और बेटी के संतुलन पर शानदार और मार्मिक पेंटिंग बनाकर संदेश दिया। अपराजिता के तहत अमर उजाला की तरफ से कराई जाने वाली प्रतियोगिता में छात्राओं ने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिता होती रहनी चाहिए। लड़कियों को उनकी शक्ति का अहसास दिलाने का ये अच्छा तरीका है। इस दौरान स्कूल की प्रीति चौधरी, मुस्कान, सुनिधि मेहरा, समीक्षा गुप्ता आदि छात्राओं ने हिस्सा लिया और पेंटिंग के जरिये महिला सशक्तीकरण से जुड़े कई अहम मुद्दों को उठाया।
अमर उजाला की तरफ से उठाया गया यह कदम सराहनीय है। इस तरह के कार्यक्रम आगे भी होते रहने चाहिए। इससे महिलाएं समाज में एक अलग स्थान प्राप्त करेंगी। अगर बेटियों को गर्भ में ही खत्म कर दिया जाएगा तो संसार कैसे चलेगा। भारतीय संस्कृति में नारियों को देवी माना जाता है। -राममूर्ति शर्मा, प्रधानाचार्य
विज्ञापन
बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। वे पुरुषों को हर क्षेत्र में हरा सकती हैं और उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने में सक्षम हैं। आजकल बेटियां जल, थल और वायु सेना में भी पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं। -प्रीति चौधरी, छात्रा
जो पुरुष विवाह करते समय दहेज लें, ऐसे पुरुषों के साथ सख्ती से पेश आना चाहिए। गर्भ में बेटियों को मारने का कारण दहेज ही है। हमें इस प्रथा का विरोध कर खत्म करना चाहिए। इस सामाजिक बुराई को खत्म करने और एक दूसरे को जागरूक करने के लिए एकजुटता जरूरी है। -मुस्कान, छात्रा
विज्ञापन
उन्होंने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और साथ ही बेटा और बेटी के संतुलन पर शानदार और मार्मिक पेंटिंग बनाकर संदेश दिया। अपराजिता के तहत अमर उजाला की तरफ से कराई जाने वाली प्रतियोगिता में छात्राओं ने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिता होती रहनी चाहिए। लड़कियों को उनकी शक्ति का अहसास दिलाने का ये अच्छा तरीका है। इस दौरान स्कूल की प्रीति चौधरी, मुस्कान, सुनिधि मेहरा, समीक्षा गुप्ता आदि छात्राओं ने हिस्सा लिया और पेंटिंग के जरिये महिला सशक्तीकरण से जुड़े कई अहम मुद्दों को उठाया।
विज्ञापन
अमर उजाला की तरफ से उठाया गया यह कदम सराहनीय है। इस तरह के कार्यक्रम आगे भी होते रहने चाहिए। इससे महिलाएं समाज में एक अलग स्थान प्राप्त करेंगी। अगर बेटियों को गर्भ में ही खत्म कर दिया जाएगा तो संसार कैसे चलेगा। भारतीय संस्कृति में नारियों को देवी माना जाता है। -राममूर्ति शर्मा, प्रधानाचार्य
विज्ञापन
बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। वे पुरुषों को हर क्षेत्र में हरा सकती हैं और उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने में सक्षम हैं। आजकल बेटियां जल, थल और वायु सेना में भी पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं। -प्रीति चौधरी, छात्रा
जो पुरुष विवाह करते समय दहेज लें, ऐसे पुरुषों के साथ सख्ती से पेश आना चाहिए। गर्भ में बेटियों को मारने का कारण दहेज ही है। हमें इस प्रथा का विरोध कर खत्म करना चाहिए। इस सामाजिक बुराई को खत्म करने और एक दूसरे को जागरूक करने के लिए एकजुटता जरूरी है। -मुस्कान, छात्रा