अमरनाथ यात्रा 2023: सीआरपीएफ जवान ले रहे विशेष प्रशिक्षण, स्टिकी बम-ड्रोन जैसी चुनौतियों से आसानी से निपटेंगे
सूत्रों की मानें तो इस बार अमरनाथ यात्रा में अकेले सीआरपीएफ के ही 15 से 20 हजार जवानों की तैनाती की जा सकती है। अभी तक गृह मंत्रालय की तरफ से सीआरपीएफ के पास तैनाती का कोई आदेश नहीं है।
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इस बार अमरनाथ यात्रा को लेकर सीआरपीएफ के जवानों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। खासकर स्टिकी बम जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए। इसके साथ ही जवानों की तैनाती में भी 20 से 30 फीसदी इजाफा संभव है। तनकीकी ढांचे में भी बढ़ोतरी की जा सकती है। यात्रा के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुख्ता प्रबंध किए जाएंगे।
सूत्रों की मानें तो इस बार अमरनाथ यात्रा में अकेले सीआरपीएफ के ही 15 से 20 हजार जवानों की तैनाती की जा सकती है। हालांकि अभी तक गृह मंत्रालय की तरफ से सीआरपीएफ के पास तैनाती का कोई आदेश नहीं है। लेकिन, माना जा रहा है कि इस बार यात्रा में बड़े स्तर पर जवानों की तैनाती होगी।
जवानों को दिया जा रहा खास प्रशिक्षण
कुछ समय से स्टिकी बम और ड्रोन का इस्तेमाल एक नई चुनौती बनी हुई है। इन सबको देखते हुए सीआरपीएफ के जवानों को खास तौर पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसमें स्टिकी बम से निपटने के गुर सिखाए जा रहे हैं।
आधार शिविर भगवती नगर पर रखी जाएगी ड्रोन से नजर
सूत्रों का कहना है कि इस बार जम्मू के भगवती नगर स्थित आधार शिविर पूरी तरह से ड्रोन की निगरानी में रहेगा। शिविर में एंटी ड्रोन उपकरण भी लगाए जाएंगे, ताकि ड्रोन हमलों की चुनौती से भी निपटा जा सके। बता दें कि जम्मू के एयरपोर्ट पर ड्रोन हमला हो चुका है। भगवती नगर आधार शिविर की बात करें, तो यह भी हवाई दूरी के हिसाब से बार्डर से 12 से 15 किलोमीटर ही है।
सीआरपीएफ ने मांगे अच्छे वाहन
सीआरपीएफ की तरफ से प्रशासन से कहा गया है कि भगवती नगर से यात्रियों को ले जाने वाले वाहन पूरी तरह से फिट हों। ऐसा न हो कि यह कुछ दूर जाने के बाद ही खराब हो जाएं। वाहनों को अच्छी तरह से जांचने और फिट होने के बाद ही यात्रियों को ले जाया जाए।
ताकि किसी अनहोनी की गुंजाइश न रहे। सीआरपीएफ का कहना है कि कई बार देखा गया है कि वाहन बीच रास्ते में खराब हो जाते हैं। सीआरपीएफ की तरफ से भगवती नगर में जवानों के रहने के लिए भी उचित बंदोबस्त की मांग की गई है।
प्रशासन से की है उचित प्रबंध करने की मांग
प्रशासन से यात्रियों को ले जाने के लिए पूरी तरह से फिट वाहन और जवानों के रहने के लिए उचित प्रबंध करने की मांग की गई है। इसके अलावा जवानों को आतंकी हमलों की चुनौती से निपटने के लिए विशेष रूप प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अन्य तैयारियां भी जारी हैं। इस बार यात्रा में इजाफा होना संभव है। संभव है कि जवानों की तैनाती भी पिछले साल से अधिक हो। लेकिन कितनी तैनाती होगी, इसकी अभी गृह मंत्रालय से कोई सूचना नहीं आई है। - शिवनंदन, प्रवक्ता, सीआरपीएफ