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अमरनाथ यात्रा 2019 का समापन, 3.43 लाख भक्तों ने किए दर्शन, 15 दिन बंद रहा ट्रैक
Fri, 16 Aug 2019 06:06 PM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Fri, 16 Aug 2019 06:06 PM IST
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अमरनाथ यात्रा
- फोटो : फाइल, अमर उजाला
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दक्षिण कश्मीर हिमालय में पवित्र गुफा में इस साल 343587 लाख शिव भक्तों ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए। रक्षाबंधन श्रावण पूर्णिमा पर वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ अमरनाथ यात्रा 2019 का समापन किया गया। श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनूप कुमार सैनी ने गुफा श्राइन में तड़के समापन पूजन किया। उन्होंने राज्य में निरंतर शांति, सद्भाव, प्रगति और समृद्धि के लिए प्रार्थना की। गत एक जुलाई से पारंपरिक बालटाल और पहलगाम रूट से यात्रा का आगाज किया गया था।
यात्रा ट्रैक से यात्रा बंद होने के कारण हवाई मार्ग से श्रावण पूर्णिमा पर महंत दीपेंद्र गिरि के नेतृत्व में साधु संतों के साथ अमरनाथ यात्रा 2019 की छड़ी मुबारक ने पवित्र गुफा में हिमलिंग के दर्शन किए। बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी उमंग नरुला ने बताया कि श्राइन बोर्ड द्वारा पिछले वर्षों की तुलना में इस साल यात्रा व्यवस्थाओं में सुधार किया गया था। इसमें यात्रियों के लिए आनलाइन पंजीकरण, बार कोडिंग यात्री परमिट फार्म, यात्रियों के लिए एसएएसबी ऐप, बालटाल में बायो टायलेट की स्थापना, चंदनवाड़ी में रिवर्स वेंडिंग मशीन, उन्नत स्वास्थ्य देखभाल सुविधाएं, दूरसंचार सुविधाएं आदि शामिल रहा।
बोर्ड के अध्यक्ष व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने यात्रा के सफल संचालन के लिए अनंतनाग और गांदरबल जिलों के नागरिक और पुलिस प्रशासन, जम्मू-कश्मीर पुलिस, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल, सेना, राज्य सरकार के विभिन्न विभागों और अन्य सभी एजेंसियों को बधाई दी। उन्होंने इस वार्षिक तीर्थयात्रा को सफल बनाने के लिए कश्मीर के लोगों की सराहना की। उन्होंने यात्रा में स्थानीय लोगों के बहुमूल्य सहयोग की सराहना करते हुए इस यात्रा में उनकी भूमिका को कश्मीरियत का एक सच्चा सार बताया जो सांप्रदायिक सौहार्द को दर्शाता है।
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हालांकि इस साल कुल 46 दिन की यात्रा में 30 दिन की यात्रा चली। इसमें भी कई दिन पर यात्रा को खराब मौसम के कारण स्थगित करना पड़ा। कश्मीर में आतंकी हमले के इनपुट और अनुच्छेद 370 को हटाने के बाद घाटी में पाबंदियों के कारण अमरनाथ यात्रा को 15 दिन स्थगित रखा गया। जिससे यात्रा पिछले तीन साल का ही आंकड़ा पार कर पाई। जबकि शुरू में रोजाना 15 हजार व इससे अधिक श्रद्धालुओं की आमद से लग रहा था कि इस साल यात्रियों का आंकड़ा पिछले छह साल का रिकार्ड तोड़ देगा।
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यात्रा ट्रैक से यात्रा बंद होने के कारण हवाई मार्ग से श्रावण पूर्णिमा पर महंत दीपेंद्र गिरि के नेतृत्व में साधु संतों के साथ अमरनाथ यात्रा 2019 की छड़ी मुबारक ने पवित्र गुफा में हिमलिंग के दर्शन किए। बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी उमंग नरुला ने बताया कि श्राइन बोर्ड द्वारा पिछले वर्षों की तुलना में इस साल यात्रा व्यवस्थाओं में सुधार किया गया था। इसमें यात्रियों के लिए आनलाइन पंजीकरण, बार कोडिंग यात्री परमिट फार्म, यात्रियों के लिए एसएएसबी ऐप, बालटाल में बायो टायलेट की स्थापना, चंदनवाड़ी में रिवर्स वेंडिंग मशीन, उन्नत स्वास्थ्य देखभाल सुविधाएं, दूरसंचार सुविधाएं आदि शामिल रहा।
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बोर्ड के अध्यक्ष व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने यात्रा के सफल संचालन के लिए अनंतनाग और गांदरबल जिलों के नागरिक और पुलिस प्रशासन, जम्मू-कश्मीर पुलिस, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल, सेना, राज्य सरकार के विभिन्न विभागों और अन्य सभी एजेंसियों को बधाई दी। उन्होंने इस वार्षिक तीर्थयात्रा को सफल बनाने के लिए कश्मीर के लोगों की सराहना की। उन्होंने यात्रा में स्थानीय लोगों के बहुमूल्य सहयोग की सराहना करते हुए इस यात्रा में उनकी भूमिका को कश्मीरियत का एक सच्चा सार बताया जो सांप्रदायिक सौहार्द को दर्शाता है।
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हालांकि इस साल कुल 46 दिन की यात्रा में 30 दिन की यात्रा चली। इसमें भी कई दिन पर यात्रा को खराब मौसम के कारण स्थगित करना पड़ा। कश्मीर में आतंकी हमले के इनपुट और अनुच्छेद 370 को हटाने के बाद घाटी में पाबंदियों के कारण अमरनाथ यात्रा को 15 दिन स्थगित रखा गया। जिससे यात्रा पिछले तीन साल का ही आंकड़ा पार कर पाई। जबकि शुरू में रोजाना 15 हजार व इससे अधिक श्रद्धालुओं की आमद से लग रहा था कि इस साल यात्रियों का आंकड़ा पिछले छह साल का रिकार्ड तोड़ देगा।