बस पर पथराव के बाद संकट में यात्रियों की सुरक्षा
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कश्मीर के कंगन इलाके में अमरनाथ यात्रियों की बस पर हुए पथराव ने यात्रा के सुरक्षा प्रबंधों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। राज्य पुलिस सहित अन्य सुरक्षा एजेंसियों के कड़े पहरे के बावजूद यात्रियों पर पथराव हुआ और इसमें दो यात्री घायल हो गए। इसे लेकर विभिन्न संगठनों में जबरदस्त रोष है।
राज्य पुलिस सुरक्षा में हुई सेंध की समीक्षा करने में जुट गई है। पथराव में घायल हुए दोनों यात्रियों को अस्पताल से सोमवार को छुट्टी दे दी गई। वहीं सोमवार को भी घाटी में यात्रियों पर कहीं पर पथराव किया गया है, लेकिन पुलिस ने इसे मानने से इंकार कर दिया है।
श्री अमरनाथ यात्रा के शुरू होने से पहले राज्य पुलिस ने दावा किया था कि यात्रियों के लिए अचूक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। कई ऐसी लोकेशन चिह्नित की गई, जहां पर यात्रियों पर पथराव होने की आशंका थी। इसके बावजूद यात्रियों पर पथराव हुआ।
पथराव के बाद हो रही समीक्षा
अभी तक इस बात का भी पता नहीं लगाया जा सका कि पत्थर मारने वाले कौन लोग थे। यात्रियों को पुलिस की तरफ से कोई सहायता नहीं दी गई और न ही कश्मीर में घायल यात्रियों को कोई खास उपचार दिया गया। इसकी वजह से यात्रियों को जम्मू आकर उपचार कराना पड़ा।
यात्रियों पर पथराव की घटना के बाद सुरक्षा की समीक्षा की गई है। सूत्रों की मानें तो पुलिस की तरफ से समीक्षा भी की जा रही है कि किन जगहों पर यात्रा गुजरते वक्त इस तरह की घटनाएं हो सकती हैं। वहीं हिंदू संगठनों में यात्रा पर पथराव को लेकर रोष है।
हिंदू शिवसेना के नेता अर्जुन शर्मा ने कहा है कि यात्रियों पर पथराव होने की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। यात्रा में जानबूझ कर खलल डालने की कोशिश की जा रही है। यात्रियों की सुरक्षा में चूक हुई है, जिसकी जांच होना जरूरी है।