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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Bishnah 240 out of 254 failed only 14 passed in 11th class results of Higher Secondary School

बिश्नाह: हायर सेकेंडरी स्कूल के 11वीं कक्षा के परिणामों में 254 में से 240 फेल, सिर्फ 14 पास

Tue, 02 Aug 2022 05:26 PM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: जम्मू और कश्मीर ब्यूरो Updated Tue, 02 Aug 2022 05:26 PM IST
सार

लड़कों के हायर सेकेंडरी स्कूल में 254 विद्यार्थियों ने 11 वीं कक्षा की परीक्षा दी, लेकिन परिणाम में सिर्फ 14 बच्चे पास हुए। 240 बच्चे फेल हो गए।

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Bishnah 240 out of 254 failed only 14 passed in 11th class results of Higher Secondary School
विशनह मैं 11वीं कक्षा मैं फेल हुए छात्र स्कूल प्रशासन और बोर्ड के खिलाफ नारेबाजी करते हुए - फोटो : RSPURA

विस्तार

तीन दिन पहले घोषित हुए हायर सेकेंडरी स्कूल के कक्षा 11 के परीक्षा परिणाम को देखकर हर कोई हैरत में है। यहां के बच्चे इन परिणामों की वजह से सड़कों पर हैं। स्कूल स्टाफ इसके लिए खुद को दोषी नहीं मान रहा है। बता दें कि लड़कों के हायर सेकेंडरी स्कूल में 254 विद्यार्थियों ने 11 वीं कक्षा की परीक्षा दी, लेकिन परिणाम में सिर्फ 14 बच्चे पास हुए। 240 बच्चे फेल हो गए। इतना बुरा रिजल्ट देख कर बच्चों ने भी शिक्षा बोर्ड के खिलाफ प्रदर्शन किया, कि आखिर ऐसा कैसे हो सकता है कि 254 में से सिर्फ 14 बच्चे पास हैं। 240 बच्चे फेल हो गए।

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बता दें हायर सेकेंडरी स्कूल का जो स्टाफ है, अगर उनकी तनख्वाह की बात की जाए तो लगभग 80 लाख रुपये के आसपास माहवार बनती है। इन अध्यापकों से 11वीं कक्षा के बच्चों की पढ़ाई सही तरीके से नहीं हो पा रही है। उन्होंने क्या शिक्षा विद्यार्थियों को देनी है। ऐसे कई सवाल लेकर सोमवार को विद्यार्थियों ने रोष प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे राजेश कुमार ने कहा कि हम सुबह देखते हैं कि हायर सेकेंडरी स्कूल में अध्यापकों के पास 30 से ज्यादा महंगी गाड़ियां खड़ी होती हैं। जो बच्चों को शिक्षा देने के लिए आते हैं। इनकों करोड़ों रुपये वार्षिक वेतन दिया जाता है, लेकिन एक साल के बाद जब 11वीं कक्षा के परिणाम आए हैं, उन्होंने यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्यों न इनकी तनख्वाह बंद की जाए।
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कुछ दिन पहले ही यहां बदली कर आई हूं। हम मंथन कर रहे हैं कि किस वजह से यह रिजल्ट आया है। हम बच्चों के अभिभावकों के साथ भी बैठक कर इस पर मंथन कर रहे हैं। बाकी हम बोर्ड के साथ संपर्क में हैं। किसी तरह बच्चों का वर्ष बर्बाद होने से बच जाए। -रेखा देवी, प्रधानाचार्य।

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