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फिर उठी अफजल गुरु की अस्थियों की मांग

Mon, 08 Feb 2016 11:41 PM IST
Updated Mon, 08 Feb 2016 11:41 PM IST
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Afzal Guru's ashes separatists sought

कश्मीर घाटी में अफजल गुरु और मकबूल भट की अस्थियों की मांग पर अलगाववादियों ने बंद का आह्वान किया है। बंद को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने अलगाववादियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।

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जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के चेयरमैन मोहम्मद यासीन मलिक को सोमवार को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आबि-गुजर इलाके में स्थित उनके दफ्तर से हिरासत में लिया गया। यासीन मलिक के अलावा पुलिस द्वारा जेकेएलएफ के वाइस चेयरमैन मुश्ताक अजमल, जोनल प्रेस इंचार्ज अशरफ बिन सलाम समेत अन्य को हिरासत में लिया गया।
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हिरासत में लिए गए लोगों को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। इसके बाद उन्हें सात दिन की रिमांड पर सेंट्रल जेल भेज दिया गया।

9 फरवरी 2013 को अफजल गुरु को दी गई थी फांसी

Afzal Guru's ashes separatists sought

हिरासत में लिए जाने से पूर्व यासीन ने मीडिया से कहा कि हमारा काम है विरोध करना और तब तक करते रहेंगे, जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होती। उन्होंने कहा कि 1984 से हम मकबूल भट की अस्थियों को उनके परिवार वालों को लौटाने की मांग कर रहे हैं।

इसके अलावा अफजल गुरु की अस्थियों की मांग कर रहे हैं। और तब तक जारी रखेंगे, जब तक उनके परिवार वालों को अस्थियां नहीं दी जातीं। यासीन के अनुसार उन्हें हिरासत में लिए जाने से यह जंग नहीं रुकेगी। इसके अलावा 10 फरवरी को जेकेएलएफ द्वारा रैली निकालने का भी आह्वान किया है।

जेकेएलएफ के संस्थापक मकबूल भट को 11 फरवरी 1984 को, जबकि अफजल गुरु को नौ फरवरी 2013 को तिहाड़ जेल में फांसी दी गई थी।

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