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जम्मू-कश्मीर में बन सकती है सलाहकार परिषद, दो विकल्पों पर किया जा रहा विचार

Mon, 10 Aug 2020 03:58 PM IST
प्रशांत कुमार बृजेश कुमार सिंह, जम्मू
बृजेश कुमार सिंह, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Mon, 10 Aug 2020 03:58 PM IST
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Advisory Council may be formed in Jammu and Kashmir, manoj sinha, altaf bikhari, ravindra rainda
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा - फोटो : अमर उजाला, फाइल फोटो

जम्मू-कश्मीर में आम लोगों से जुड़ने के लिए राजनीतिक सलाहकारों की नियुक्ति या फिर सलाहकार परिषद के गठन पर मंथन चल रहा है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के दिल्ली रवानगी के साथ ही भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र रैना और जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी के अध्यक्ष अल्ताफ बुखारी को दिल्ली बुलाया गया है। बताते हैं कि इस मुद्दे पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और गृह मंत्री अमित शाह के साथ इन नेताओं की बातचीत होगी। सूत्र बताते हैं कि यदि सब कुछ ठीक रहा तो इसी महीने इन दोनों में से एक विकल्प आकार ले सकता है।

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ताजा घटनाक्रम के तहत केंद्र को यह फीडबैक मिला है कि प्रदेश में राजनीतिक प्रक्रिया और संवाद को तेजी के साथ बहाल किया जाना चाहिए। सरकार जनता से बिल्कुल कट सी गई है। इसी आधार पर दोनों विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। एक विकल्प यह है कि राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले छह से आठ सलाहकारों की नियुक्ति की जाए। इसमें जम्मू और कश्मीर दोनों संभाग का समान प्रतिनिधित्व हो।
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दूसरा प्रस्ताव यह है कि सलाहकार परिषद का गठन किया जाए। इसमें भी यह बात सामने आ रही है कि परिषद में मुख्य सलाहकार और उप मुख्य सलाहकार रखा जाए। इसके साथ ही चार से छह अन्य सलाहकार हों। भाजपा मुख्य सलाहकार के लिए दबाव बना रही है। ज्ञात हो कि प्रदेश में पिछले कुछ महीनों से सलाहकार परिषद के गठन की कोशिशें चल रही हैं। मई में भी इस पर बात हुई थी, लेकिन ऐन वक्त पर प्रस्ताव सिरे नहीं चढ़ सका।
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सर्वदलीय सलाहकार समिति का भी विकल्प
सलाहकार परिषद में ही दूसरा विकल्प यह है कि इसमें सभी पार्टी के नेताओं को रखा जाए जो उप राज्यपाल को राजनीतिक हालात पर अपनी राय दे सकें। इसके पीछे यह तर्क दिया जा रहा है कि तत्कालीन राज्यपाल गिरीश चंद्र सक्सेना के कार्यकाल में भी सर्वदलीय सलाहकार समिति का गठन किया गया था।

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