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Jammu News: 47 विभागों के 16 वर्षों के काम का खुलेगा कच्चा चिट्ठा, सीएजी रिपोर्ट की पड़ताल अगले हफ्ते से
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- 400 से अधिक आपत्तियों पर होगा काम, कई बड़े खुलासे होने के आसार
- पहले चरण में वित्त, हाउसिंग, गृह और उद्योग विभाग लिए गए
- हर सोमवार एक विभाग की सीएजी ऑडिट पर होगा काम, विभागों की जवाबदेही होगी तय
अमित कुमार
जम्मू। विधानसभा की लोक लेखा समिति (पीएससी) 47 विभागों की नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की ऑडिट रिपोर्ट पर काम करेगी। इन सभी विभागों में 16 वर्षों से ऑडिट रिपोर्ट पर काम नहीं हो पाया है। सरकार बनने के बाद यह व्यवस्था फिर से शुरू की गई है। समिति ने हर सोमवार को एक बैठक बुलाएगी। इसमें संबंधित विभाग से ऑडिट रिपोर्ट पर जवाब-तलब किया जाएगा। इस प्रक्रिया में वित्तीय अनियमितताओं, भ्रष्टाचार जैसे कई बड़े खुलासे होने के आसार हैं।
समिति संबंधित विभागों के करीब 400 से अधिक बिंदुओं पर काम करेगी। पहले चरण में वित्त, हाउसिंग, गृह और उद्योग एवं वाणिज्य विभाग को लिया गया है। आगामी सोमवार को वित्त विभाग की ऑडिट रिपोर्ट पर बैठक होगी। इसमें संबंधित अधिकारियों से पिछले 16 वर्षों में हुए बजट सहित अन्य अहम वित्तीय मुद्दों पर जवाब तलब होगा। यह सारी प्रक्रिया पीएससी के सदस्यों के समक्ष होगी। अगर ऑडिट रिपोर्ट पर विभाग की ओर से संतुष्ट जवाब नहीं दिया गया, तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। समिति की ओर से ऐसी गतिविधियां शुरू करने से विभागों के अधिकारियों की नींद उड़ गई हैं। खासतौर पर पिछले 16 साल की अवधि में जो बड़े अधिकारी या संबंधित कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं, उनकी भी जिम्मेदारी तय की जाएगी। अगर ऑडिट रिपोर्ट पर कहीं घोटाले की पुष्टि हो जाती है, तो कई बड़े मामले सामने आ सकते हैं। वित्त विभाग काफी महत्वपूर्ण है। भारत सरकार जितनी राशि तय करती है, अगर नियमों के तहत उसे खर्च न किया जाए तो आगामी राशि में कटौती कर दी जाती है। समिति प्रमुख रूप से राजस्व, बिक्री व्यय, अनुदान और सहायता समेत कई बिंदुओं की बारीकी से जांच करती है।
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नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक, एक स्वतंत्र निकाय
नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) एक स्वतंत्र बाॅडी के रूप में काम करता है। इसका मुख्य काम सरकारी व्यवस्था की अनियमितताओं को बाहर लाना है। सीएजी के माध्यम से ही कई बड़े घोटाले सामने आते रहे हैं।
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सभी विभागों का शेड्यूल
तैयार किया : शाम लाल
पीएससी के चेयरमैन व विधायक शाम लाल शर्मा ने कहा कि समिति ने सभी 47 विभागों का शेड्यूल तैयार किया है। इसमें चरणबद्ध तरीके से सभी विभागों से जवाब तलब किया जाएगा। सीएजी की ऑडिट रिपोर्ट पर महत्वपूर्ण बिंदुओं पर काम होगा। विभागों के मुताबिक उनकी प्राथमिकता तय की गई है। विभागों की जवाबी कार्रवाई के बाद ही जवाबदेही तय की जाएगी।
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- पहले चरण में वित्त, हाउसिंग, गृह और उद्योग विभाग लिए गए
- हर सोमवार एक विभाग की सीएजी ऑडिट पर होगा काम, विभागों की जवाबदेही होगी तय
अमित कुमार
जम्मू। विधानसभा की लोक लेखा समिति (पीएससी) 47 विभागों की नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की ऑडिट रिपोर्ट पर काम करेगी। इन सभी विभागों में 16 वर्षों से ऑडिट रिपोर्ट पर काम नहीं हो पाया है। सरकार बनने के बाद यह व्यवस्था फिर से शुरू की गई है। समिति ने हर सोमवार को एक बैठक बुलाएगी। इसमें संबंधित विभाग से ऑडिट रिपोर्ट पर जवाब-तलब किया जाएगा। इस प्रक्रिया में वित्तीय अनियमितताओं, भ्रष्टाचार जैसे कई बड़े खुलासे होने के आसार हैं।
समिति संबंधित विभागों के करीब 400 से अधिक बिंदुओं पर काम करेगी। पहले चरण में वित्त, हाउसिंग, गृह और उद्योग एवं वाणिज्य विभाग को लिया गया है। आगामी सोमवार को वित्त विभाग की ऑडिट रिपोर्ट पर बैठक होगी। इसमें संबंधित अधिकारियों से पिछले 16 वर्षों में हुए बजट सहित अन्य अहम वित्तीय मुद्दों पर जवाब तलब होगा। यह सारी प्रक्रिया पीएससी के सदस्यों के समक्ष होगी। अगर ऑडिट रिपोर्ट पर विभाग की ओर से संतुष्ट जवाब नहीं दिया गया, तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। समिति की ओर से ऐसी गतिविधियां शुरू करने से विभागों के अधिकारियों की नींद उड़ गई हैं। खासतौर पर पिछले 16 साल की अवधि में जो बड़े अधिकारी या संबंधित कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं, उनकी भी जिम्मेदारी तय की जाएगी। अगर ऑडिट रिपोर्ट पर कहीं घोटाले की पुष्टि हो जाती है, तो कई बड़े मामले सामने आ सकते हैं। वित्त विभाग काफी महत्वपूर्ण है। भारत सरकार जितनी राशि तय करती है, अगर नियमों के तहत उसे खर्च न किया जाए तो आगामी राशि में कटौती कर दी जाती है। समिति प्रमुख रूप से राजस्व, बिक्री व्यय, अनुदान और सहायता समेत कई बिंदुओं की बारीकी से जांच करती है।
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नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक, एक स्वतंत्र निकाय
नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) एक स्वतंत्र बाॅडी के रूप में काम करता है। इसका मुख्य काम सरकारी व्यवस्था की अनियमितताओं को बाहर लाना है। सीएजी के माध्यम से ही कई बड़े घोटाले सामने आते रहे हैं।
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सभी विभागों का शेड्यूल
तैयार किया : शाम लाल
पीएससी के चेयरमैन व विधायक शाम लाल शर्मा ने कहा कि समिति ने सभी 47 विभागों का शेड्यूल तैयार किया है। इसमें चरणबद्ध तरीके से सभी विभागों से जवाब तलब किया जाएगा। सीएजी की ऑडिट रिपोर्ट पर महत्वपूर्ण बिंदुओं पर काम होगा। विभागों के मुताबिक उनकी प्राथमिकता तय की गई है। विभागों की जवाबी कार्रवाई के बाद ही जवाबदेही तय की जाएगी।