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आमरण अनशन पर बैठे एक व्यक्ति की तबीयत बिगड़ी
Updated Tue, 22 May 2018 02:20 PM IST
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हीरानगर। रसाना गांव में 8 वर्षीय बच्ची के अपहरण व हत्या मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग पर कूटा में चल रहा क्रमिक आमरण अनशन 30वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान एक अनशनकारी की तबीयत बिगड़ गई, जिसे हीरानगर उपजिला अस्पताल भेज दिया गया। उसकी जगह यशपाल ने मोर्चा संभाल लिया। अब अनशन पर तृप्ता देवी और यशपाल एक महीने से चल रही लड़ाई को आगे बढ़ाएंगे। दोनों अनशनकारियों ने कहा कि उन्हें सरकार की दमनकारी नीतियों की कोई परवाह नहीं है, वे डटकर इसका मुकाबला करेंगे।
उन्होंने कहा कि वे बच्ची को इंसाफ दिलाने के लिए लड़ रहे हैं और जब तक मामले की सीबीआई जांच की मांग पूरी नहीं होती, उनका संघर्ष जारी रहेगा। सरकार हमारी आवाज को दबाने का हर असफल प्रयास कर चुकी है। हम बच्ची के इंसाफ के लिए सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं, जो न तो कोई अपराध है और न ही किसी राजनीतिक दल के खिलाफ। इसके बावजूद भी हमारी आवाज को दबाया जाता है या फिर हमारी मांग को देश में नेशनल मीडिया के माध्यम से गलत तरीके से पेश किया जाता है। इससे साफ जाहिर होता है कि राज्य सरकार इस मामले में अपना सियासी हित साधने में लगी है और बच्ची के इंसाफ से उसे कोई लेना-देना नहीं है।
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उन्होंने कहा कि वे बच्ची को इंसाफ दिलाने के लिए लड़ रहे हैं और जब तक मामले की सीबीआई जांच की मांग पूरी नहीं होती, उनका संघर्ष जारी रहेगा। सरकार हमारी आवाज को दबाने का हर असफल प्रयास कर चुकी है। हम बच्ची के इंसाफ के लिए सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं, जो न तो कोई अपराध है और न ही किसी राजनीतिक दल के खिलाफ। इसके बावजूद भी हमारी आवाज को दबाया जाता है या फिर हमारी मांग को देश में नेशनल मीडिया के माध्यम से गलत तरीके से पेश किया जाता है। इससे साफ जाहिर होता है कि राज्य सरकार इस मामले में अपना सियासी हित साधने में लगी है और बच्ची के इंसाफ से उसे कोई लेना-देना नहीं है।
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