{"_id":"5a89bdd54f1c1b0a7b8b7ca0","slug":"892-fir-dismissed-on-stone-pelters-in-jammu-and-kashmir","type":"story","status":"publish","title_hn":"जम्मू कश्मीरः माफी योजना के तहत पत्थरबाजों पर लगी 892 एफआईआर हुई खारिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जम्मू कश्मीरः माफी योजना के तहत पत्थरबाजों पर लगी 892 एफआईआर हुई खारिज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Updated Sun, 18 Feb 2018 11:28 PM IST
विज्ञापन
stone pelters
- फोटो : BASIT ZARGAR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कश्मीर में माफी योजना के तहत पत्थरबाजों पर लगी 892 एफआईआर अब तक खारिज कर दी गई है। इससे 4470 पत्थरबाजों को पुलिस मामलों से राहत मिल चुकी है। सरकार की मंशा करीब 9000 पत्थरबाजों को पुलिस मामलों से मुक्ति देने की है।
विज्ञापन
सबसे ज्यादा 322 एफआईआर पत्थरबाजों पर से श्रीनगर जिले में वापस की गई है। बडगाम में 68, अनंतनाग में 75, अवंतीपोरा में 55, कुपवाड़ा में 83, बांडीपोरा में 57, सोपोर में 79, हंदवाड़ा में 16, गांदरबल में 34, कुलगाम में 17 एफआईआर पुलिस ने पत्थरबाजों पर से वापस ले ली है।
विज्ञापन
पुलवामा में 29, शोपियां में 15, बारामूला में 37 और रामबन में एक एफआईआर वापस ली गई है। पिछले तीन सालों 2015 से 2017 तक पत्थरबाजी के मामलों में 4073 एफआईआर पुलिस ने दर्ज की है। इन मामलों में 14315 पत्थरबाज शामिल हैं।
विज्ञापन
जिन पत्थरबाजों पर से एफआईआर वापिस ली गई है उनमें ज्यादातर 2016 में पत्थरबाजी की घटनाओं में शामिल रहे हैं। 2016 में दर्ज हुए पुलिस के 697 मामलों को वापस ले लिया गया है, जबकि 2015 के 92 और 2017 के 103 पुलिस मामले शामिल हैं।
कश्मीर में पुलिस के तेवर पड़ रहे ढीले
पत्थरबाजों पर से पुलिस मामले वापिस करने की चल रही प्रक्रिया के बीच सियासी जमीन को बचाए रखने के लिए सियासतदानों की हिदायतों का आतंकवाद विरोधी अभियानों पर भी असर देखने को मिल रहा है। सैन्य मेजर पर एफआईआर दर्ज होने के बाद से पुलिस व सेना में आपसी समन्वय की कमी भी देखने को मिल रही है।