{"_id":"5ad799f74f1c1b330a8b5593","slug":"71524079095-jammu-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बतीस साल बाद लौटा युवक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बतीस साल बाद लौटा युवक
Updated Thu, 19 Apr 2018 06:10 PM IST
विज्ञापन
RAMBAN
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू। रियासत में बुधवार का दिन एक परिवार के लिए शायद अब तक का सबसे खुशी का दिन था। इस परिवार की वर्षों पहले खोई खुशियां जब अचानक से 32 साल बाद दहलीज पर दस्तक दी तो परिवार के लोग खुशी से पागल हो उठे। दरअसल इस दिन उनका बेटा अचानक घर लौट आया। परिवार के हर सदस्य के चेहरे से आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे।
चलिए अब हम आपको पूरी कहानी से रू-ब-रू कराते हैं। दरअसल जम्मू कश्मीर के नगरोटा इलाके में पुलिस ने एक संदिग्ध युवक को संवेदनशील इलाके में घूमते देखा। सुरक्षाकर्मियों ने फौरन उसे हिरासत में लेते हुए पूछताछ शुरू कर दी। युवक ने जब अपनी आपबीती सुनाई तो सुरक्षा बलों के भी होश उड़ गए। पूछताछ में उसने बताया कि उसका नाम बशीर अहमद है। वो रामबन के पोगल तहसील के मालीगाम इलाके का रहने वाला है। उसने बताया कि जब वो सिर्फ 18 साल का था तो उसने अपना घर छोड़ दिया था। उसके बाद वो कभी वापस लौट कर नहीं आया। यहां से जाने के बाद उसने पंजाब में बाबाओं का साथ पकड़ लिया और उन्हीं के साथ रहने लगा था। नगरोटा पुलिस ने उसके परिजनों को खोज कर उसे उन्हें सौंप दिया।
इतने साल के बाद परिवार के एक सदस्य के घर लौटने से परिवार का हर सदस्य खुशी से पागल नजर आ रहा था।
विज्ञापन
चलिए अब हम आपको पूरी कहानी से रू-ब-रू कराते हैं। दरअसल जम्मू कश्मीर के नगरोटा इलाके में पुलिस ने एक संदिग्ध युवक को संवेदनशील इलाके में घूमते देखा। सुरक्षाकर्मियों ने फौरन उसे हिरासत में लेते हुए पूछताछ शुरू कर दी। युवक ने जब अपनी आपबीती सुनाई तो सुरक्षा बलों के भी होश उड़ गए। पूछताछ में उसने बताया कि उसका नाम बशीर अहमद है। वो रामबन के पोगल तहसील के मालीगाम इलाके का रहने वाला है। उसने बताया कि जब वो सिर्फ 18 साल का था तो उसने अपना घर छोड़ दिया था। उसके बाद वो कभी वापस लौट कर नहीं आया। यहां से जाने के बाद उसने पंजाब में बाबाओं का साथ पकड़ लिया और उन्हीं के साथ रहने लगा था। नगरोटा पुलिस ने उसके परिजनों को खोज कर उसे उन्हें सौंप दिया।
विज्ञापन
इतने साल के बाद परिवार के एक सदस्य के घर लौटने से परिवार का हर सदस्य खुशी से पागल नजर आ रहा था।