{"_id":"5a74bc624f1c1b4e588b65bb","slug":"71517599842-jammu-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अखनूर से कठुआ तक आतंकी हमले की आशंका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अखनूर से कठुआ तक आतंकी हमले की आशंका
Updated Sat, 03 Feb 2018 01:00 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू। कश्मीर में आतंकियों और सरहद पर पाकिस्तानी सैनिकों की मौत से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई बौखला गई है। आईएसआई ने आतंकी संगठन जैैश-ए-मोहम्मद पर आतंकी हमले करने का दबाव बनाया है। अखनूर से कठुआ तक नेशनल हाईवे को टारगेट करने का निर्देश दिया गया है।
खुफिया एजेंसी और पुलिस के पास भी इसके इनपुट हैं। सूत्रों का कहना है कि बार्डर और एलओसी पर कड़ी निगरानी में आतंकी हमला नहीं कर पा रहे। इसलिए वह हमले करने के लिए साफ्ट टारगेट तलाश रहे हैं। हाईवे के नजदीक लगने वाले सैन्य कैंपों, यूनिटों, पुलिस, सीआरपीएफ प्रतिष्ठानों पर हमला किया जा सकता है। तीन साल के दौरान नेशनल हाईवे पर सांबा, कठुआ, नगरोटा में हमले हो चुके हैं। सभी हमले जैश-ए-मोहम्मद ने किए थे।
सूत्रों का कहना है कि आतंकियों को घुसपैठ कराने के लिए पूरी कोशिश की जा रही है। सांबा और परगवाल सेक्टर से घुसपैठ कराकर आतंकियों को इस पार भेजने के लिए आईएसआई का आतंकियों पर दबाव है। बताया जा रहा है कि पिछले दिनों बार्डर पर होने वाली गोलाबारी भी इसी वजह से हो रही थी। यह भी संभव है कि बार्डर पर होने वाली खामोशी की आड़ में पाकिस्तानी सैनिक सुरंग खोद कर आतंकियों की घुसपैठ कराने की तैयारी कर रहे हों।
विज्ञापन
विज्ञापन
खुफिया एजेंसी और पुलिस के पास भी इसके इनपुट हैं। सूत्रों का कहना है कि बार्डर और एलओसी पर कड़ी निगरानी में आतंकी हमला नहीं कर पा रहे। इसलिए वह हमले करने के लिए साफ्ट टारगेट तलाश रहे हैं। हाईवे के नजदीक लगने वाले सैन्य कैंपों, यूनिटों, पुलिस, सीआरपीएफ प्रतिष्ठानों पर हमला किया जा सकता है। तीन साल के दौरान नेशनल हाईवे पर सांबा, कठुआ, नगरोटा में हमले हो चुके हैं। सभी हमले जैश-ए-मोहम्मद ने किए थे।
विज्ञापन
सूत्रों का कहना है कि आतंकियों को घुसपैठ कराने के लिए पूरी कोशिश की जा रही है। सांबा और परगवाल सेक्टर से घुसपैठ कराकर आतंकियों को इस पार भेजने के लिए आईएसआई का आतंकियों पर दबाव है। बताया जा रहा है कि पिछले दिनों बार्डर पर होने वाली गोलाबारी भी इसी वजह से हो रही थी। यह भी संभव है कि बार्डर पर होने वाली खामोशी की आड़ में पाकिस्तानी सैनिक सुरंग खोद कर आतंकियों की घुसपैठ कराने की तैयारी कर रहे हों।
विज्ञापन