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जम्मू-कश्मीरः इन परियोजनाओं के लिए 663 हेक्टेयर वन भूमि का होगा डायवर्जन, बदले में सरकार का ये प्लान

Fri, 25 Oct 2019 06:26 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Fri, 25 Oct 2019 06:26 PM IST
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663 hectares of forest land will be diversified for projects in Jammu Kashmir
प्रतीकात्मक तस्वीर

श्रीनगर में राज्य प्रशासनिक परिषद (एसएसी) की बैठक में सड़क, बिजली, पेयजल, सिंचाई, शिक्षा, रेलवे, दूरसंचार, नागरिक उड्डयन और रक्षा क्षेत्रों में अतिआवश्यक सार्वजनिक महत्व की विकास परियोजनाओं को शुरू करने के लिए जम्मू व कश्मीर के विभिन्न वन संभागों में 663 हेक्टेयर वन भूमि के डायवर्जन को मंजूरी दी गई। 

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श्रीनगर में राज्यपाल सत्यपाल मलिक की अध्यक्षता में हुई बैठक में वन विभाग को पेड़ों की न्यूनतम कटाई सुनिश्चित करने, वन भूमि के डायवर्जन के बदले में वैकल्पिक भूमि पर प्रतिपूरक वनीकरण शुरू करने, वनस्पतियों और जीव-जंतुओं के संरक्षण के लिए वन क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों की बारीकी से निगरानी करने के निर्देश दिए गए।
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गत माह में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई वन सलाहकार समिति की 114वीं, 115वीं, 116वीं, 117वीं और 118वीं बैठकों में सिफारिशों के अनुपालन में एसएसी द्वारा वन भूमि के डायवर्जन को मंजूरी दी गई थी। 

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वन विभाग के कामकाज की समीक्षा

एफएसी द्वारा 663 हेक्टेयर वन भूमि को शामिल करने वाले कुल 198 वन भूमि डायवर्जन के प्रस्तावों को मंजूरी मिली है। वन भूमि की मंजूरी न मिलने के कारण इन परियोजनाओं पर काम शुरू नहीं हो पा रहा था। लेकिन अब महत्वपूर्ण अवसंरचनात्मक परियोजनाओं को गति मिलेगी। 

इससे जम्मू-कश्मीर के दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को पेयजल, सड़क और मोबाइल संपर्क, बिजली आदि में बड़ी संख्या में लाभ मिलेगा। एसएसी ने पीडब्ल्यू (आरएंडबी) विभाग को यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया कि पीएमजीएसवाई के तहत सड़क परियोजनाएं समय सीमा के भीतर पूरी की जाएं।

वन, पर्यावरण और पारिस्थितिकी विभाग के आयुक्त सचिव मनोज कुमार द्विवेदी ने श्रीनगर में विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर विभाग के कामकाज की समीक्षा की। बैठक में केंद्र प्रायोजित योजनाओं के प्रदर्शन, कैपेक्स बजट 2019-20, कैम्पा फंडिंग, ग्रीन इंडिया मिशन, सतत विकास लक्ष्यों पर कार्रवाई, विभाग की एजी की वार्षिक समीक्षा रिपोर्ट की प्रतिक्रिया और चालू वित्त वर्ष के दौरान पूरा करने के लिए लक्षित 160 कार्यों की स्थिति पर विचार-विमर्श किया गया। 

इसमें विभिन्न लक्ष्यों को पूरा करने के लिए समय-सीमा तय की गई। आयुक्त सचिव ने कहा कि पीसीसीएफ  और मुख्य वन्यजीव संरक्षण समय-समय पर मंजूरी और वित्त पोषण के लिए ग्रीन इंडिया मिशन सहित विभिन्न केंद्र प्रायोजित योजनाओं के तहत प्रस्तावों का सख्ती से पालन करें। 

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