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सरकार का पुतला जलाया
Updated Wed, 23 May 2018 12:24 AM IST
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उधमपुर। कांग्रेस के युवा कार्यकर्ताओं व नेताओं ने मंगलवार को आंगनबाड़ी वर्कर्स के साथ धार रोड को बंद कर राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान सरकार का पुतला भी जलाया। आंगनबाड़ी वर्कर्स का कहना था कि सोमवार को जिला विकास बोर्ड की बैठक के दौरान ज्ञापन सौंप कर अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने प्रशासन व सरकार के कहने पर सबको पार्क के अंदर बंद कर दिया। इस सरकार की जितनी निंदा की जाए कम है।
आंगनबाड़ी वर्कर्स ने मंगलवार सुबह नौ बजे से डीसी कार्यालय के बाहर धरना देकर प्रदर्शन शुरू कर दिया था। इसी बीच सुबह करीब 11 बजे कांग्रेस के युवा नेेेता व इंटक के प्रदेश सचिव सुमित मगोत्रा कार्यकर्ताओं के साथ डीसी कार्यालय पहुंचे और सभी ने आंगनबाड़ी वर्कर्स के समर्थन में प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते सभी प्रदर्शन करते हुए डीसी कार्यालय के बाहर धार रोड पर पहुंच गए और मार्ग बंद करके प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के शुरू होते ही दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। जानकारी मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और आंगनबाड़ी वर्कर्स और कांग्रेसियों को हटाने का प्रयास शुरू कर दिया, लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं माने। प्रदर्शनकारियों ने पहले राज्य सरकार का पुतला फूंका और फिर धार रोड से हटे। प्रदर्शन के दौरान आंगनबाड़ी वर्कर्स ने कहा कि सरकार व प्रशासन मांगों को पूरा करने के बजाए उनके आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रहा है। पुलिस के जरिए उनके साथ बल प्रयोग किया जा रहा है। सोमवार को भी सबको पार्क के अंदर बंद करके बल प्रयोग किया गया। पुलिस को एक बात समझ लेनी चाहिए कि इस तरह से उनको आंदोलन को दबा नहीं सकते हैं। वहीं सुमित मगोत्रा ने कहा कि प्रशासन द्वारा डीसी कार्यालय के बाहर धारा 144 लगाने की जितनी भी निंदा की जाए कम है। कश्मीर में आए दिन लोग पाकिस्तान के झंडे लेकर सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन करते हैं, कभी सरकार व प्रशासन ने उनके लिए तो धारा 144 नहीं लगाई, फिर आंगनबाड़ी वर्कर्स के लिए डीसी कार्यालय के बाहर धारा 144 क्यों लगाई गई। मौजूदा गठनबंधन सरकार के पास पत्थरबाजों के पुनर्वास के लिए तो राशि है, लेकिन मेहनत करके आंगनबाड़ी सेंटर चलाने वाली वर्कर्स और हेल्पर का मानदेय बढ़ाने की राशि नहीं है। उन्होंने कहा कि जब तक आंगनबाड़ी वर्कर्स की मांगे पूरी नहीं होती है, तब तक कांग्रेस समर्थन करती रहेगी।
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आंगनबाड़ी वर्कर्स ने मंगलवार सुबह नौ बजे से डीसी कार्यालय के बाहर धरना देकर प्रदर्शन शुरू कर दिया था। इसी बीच सुबह करीब 11 बजे कांग्रेस के युवा नेेेता व इंटक के प्रदेश सचिव सुमित मगोत्रा कार्यकर्ताओं के साथ डीसी कार्यालय पहुंचे और सभी ने आंगनबाड़ी वर्कर्स के समर्थन में प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते सभी प्रदर्शन करते हुए डीसी कार्यालय के बाहर धार रोड पर पहुंच गए और मार्ग बंद करके प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के शुरू होते ही दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। जानकारी मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और आंगनबाड़ी वर्कर्स और कांग्रेसियों को हटाने का प्रयास शुरू कर दिया, लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं माने। प्रदर्शनकारियों ने पहले राज्य सरकार का पुतला फूंका और फिर धार रोड से हटे। प्रदर्शन के दौरान आंगनबाड़ी वर्कर्स ने कहा कि सरकार व प्रशासन मांगों को पूरा करने के बजाए उनके आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रहा है। पुलिस के जरिए उनके साथ बल प्रयोग किया जा रहा है। सोमवार को भी सबको पार्क के अंदर बंद करके बल प्रयोग किया गया। पुलिस को एक बात समझ लेनी चाहिए कि इस तरह से उनको आंदोलन को दबा नहीं सकते हैं। वहीं सुमित मगोत्रा ने कहा कि प्रशासन द्वारा डीसी कार्यालय के बाहर धारा 144 लगाने की जितनी भी निंदा की जाए कम है। कश्मीर में आए दिन लोग पाकिस्तान के झंडे लेकर सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन करते हैं, कभी सरकार व प्रशासन ने उनके लिए तो धारा 144 नहीं लगाई, फिर आंगनबाड़ी वर्कर्स के लिए डीसी कार्यालय के बाहर धारा 144 क्यों लगाई गई। मौजूदा गठनबंधन सरकार के पास पत्थरबाजों के पुनर्वास के लिए तो राशि है, लेकिन मेहनत करके आंगनबाड़ी सेंटर चलाने वाली वर्कर्स और हेल्पर का मानदेय बढ़ाने की राशि नहीं है। उन्होंने कहा कि जब तक आंगनबाड़ी वर्कर्स की मांगे पूरी नहीं होती है, तब तक कांग्रेस समर्थन करती रहेगी।
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